ग्राम रूपा धमना में मंगलवार शाम लगी भीषण आग पर बुधवार को दोपहर में काबू
पाया जा सका। आग से कैलाश के घर फलदान में आए साढ़े तीन लाख रुपये समेत
करोड़ों रुपये की संपत्ति जल कर राख हो गई। कुल 84 मकान जले। अग्निकांड के
बाद जनप्रतिनिधियों, अफसरों व समाजसेवियों ने गांव में पहुंच कर लोगों को
ढांढस बंधाया। प्रशासन के आदेश पर नुकसान का आकलन शुरू हो गया है। देर शाम
तक लेखपाल आकलन नहीं कर पाए थे।
मंगलवार शाम गांव की एक महिला अपने मकान की छत पर चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान अचानक तेज आंधी के कारण चूल्हे से निकली चिंगारी गांव के ही एक मकान में रखे भूसे पर जा गिरी। इससे आग लग गई। तेज आंधी ने आग में घी डालने का काम किया और देखते ही देखते दर्जनों मकान आग की चपेट में आ गए। आग की भीषणता इतनी अधिक थी कि लोग अपने घरों को छोड़ कर भाग खड़े हुए। जिन लोगों के घरों में आग नहीं लगी थी, वह भी भाग कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
ग्रामीणों ने अपने कुओं पर पंप लगा कर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आंधी के सामने उनका प्रयास बौना साबित हुआ। सूचना पर उपजिलाधिकारी अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी संजय शर्मा, प्रभारी कोतवाली विक्रम सिंह मंगलवार रात को ही मौके पर पहुंच गए थे। एसडीएम ने सीओ गरौठा सहित लहचूरा, टोड़ी फतेहपुर, कटेरा, उल्दन से पुलिस बल को बुला लिया। मौके पर पहुंचे लगभग ढाई सौ पुलिस के जवान आग बुझाने में रत भर जुटे रहे। मऊरानीपुर के अलावा झांसी, बबीना, मोंठ, गरौठा से फायर ब्रिगेड बुलाई गई। दूरी अधिक होने पर उन्हें रूपा धमना पहुंचने में दो घंटे से अधिक समय लग गया। छह में से दमकल की चार गाड़ियां ही आग बुझाने गांव में पहुंच सकीं। एक गांव की गली में फंस कर मौके तक नहीं पहुंच सकी, जबकि दूसरी तेल खत्म होने के कारण उपयोगी साबित नहीं हो सकी। बुधवार को दोपहर के समय आग पर काबू पा लिया गया। आग से 84 मकान जल कर नष्ट हो गए।
आग से ग्राम निवासी महरूप सिंह यादव की बाइक जल गई। इनके अलावा अन्य लोगों के कपड़े. अनाज नकदी व गृहस्थी का सामान जल कर राख हो गया। बुधवार को दिन भर प्रशासन पीड़ित परिवारों के सिर छिपाने की व्यवस्था नहीं कर सका। बेघर हुए ग्रामीणों की मदद के लिए गांव के ही लोग आगे आए। ग्रामीणों ने उन्हें अपने घर में सिर छिपाने जगह दी। अग्निकांड के दौरान लोगों ने अपने मवेशियों की रस्सी काटकर उन्हें भागने के लिए आजाद कर दिया था। उनमें से कई जानवर वापस लौटकर बुधवार को नहीं आए, जबकि दर्जनों जानवरों की आग में जल कर मौत हो गई। एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि गांव में भोजन के पैकेट भेज दिए गए हैं, बृहस्पतिवार को बेघर हुए लोगों के रहने की अस्थायी व्यवस्था कर दी जाएगी। ग्राम प्रधान नारायण सिंह यादव ने प्रशासन से लोगों के खाने और पशुओं के लिए भूसे का इंतजाम करने की मांग की है। उनकी मांग पर खाने के पैकेट तो भेज दिए गए, लेकिन भूसे का इंतजाम नहीं हो सका था। मंगलवार को आई आंधी के कारण ग्राम बरौरी, बसारी, बडागांव, अतपेई में भी अग्निकांड हुआ था। हालांकि ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था।
इनके जले घर
अग्नि कांड में ज्वाला प्रसाद, अरविंद, बिहारी मास्टर, रामेश्वर, परीक्षित, रामप्रसाद, विक्रम सिंह, केशवदास, रामपाल, कोमल, बारेलाल, महेंद्र, महेश, जगत, बृजेंद्र, तुलसीदास, हनुमत, प्रभु, शैलेंद्र, बलराम, पूरन, करन, हरीराम, महिपाल, अरिमर्दन, महिपाल, लोकेंद्र सिंह, कनई, अवधेश, सीताराम, कुंवरलाल, देशराज, हरनारायण, मदन, फूल सिंह, मुन्नालाल, भानप्रकाश, वेदप्रकाश, नारायण दास, बृजभूषण, ऋषिचंद्र, गिरवर सिंह, महरूप सिंह, लोकेंद्र, गजराज, शत्रुघ्न, कैलाश, लक्ष्मीनारायण, शिशुपाल, अनंदी, भैय्यन, भलाई, रामचरन, बृजकिशोर, बृजभूषण, उमाशंकर, गुल्लन, भोले, केशवराम, नारायण आदि के घर जल गए।
गांव में गूंज रही हैं सिसकियां
मंगलवार शाम आग लगते ही गांव में दहशत फैल गई थी। जैसे जैसे आग की विकरालता बढ़ी, लोगों के चेहरों पर बदहवाशी बढ़ती गई। महिलाएं तो डर के मारे अपने बच्चों को लेकर गांव के बाहर गुरसरांय मार्ग पर चली गईं थीं। ग्रामीण भी अपने अपने ट्रैक्टरों को सुरक्षित स्थानों पर ले गए। गांव के विक्रम सिंह व उसकी पत्नी इस अग्निकांड से इस कदर भयभीत व परेशान हो गए कि वह जलती हुई आग में कमरे का दरवाजा बंद करके बैठ गए। लोगों के समझाने के बाद भी वह बाहर नहीं आये। ऐसे हालातों में परिवारजनों व गांव वालों ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकाला। ग्राम के देशराज धमैनया के पुत्र की बारात में मंगलवार को गांव के कई लोग गए हुए थे। उन्हें रास्ते में अग्निकांड की जानकारी मिली तो केवल दूल्हे व उसके परिजनों को छोड़ कर वह उल्टे पांव लौट आए। रात भर खुले आसमान के नीचे भूखे पेट खड़े गांव के लोग आग की विकरालता को देखते रहे। सुबह उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। महिलाओं व पुरुषों की सिसकियां बुधवार को दिन भर गांव के गलियारों में सुनाई देती रहीं।
दु:ख बांटने पहुंचे नेता
ग्राम रूपा धमना में अग्निकांड से पीड़ित लोगों का दु:ख बांटने के लिए दिन भर नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। विधायक डा. रश्मि आर्य, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका हरिश्चंद्र आर्य, वरिष्ठ सपा नेता रामाधार सिंह यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, पीसीसी सदस्य मुकुट सिंह, रामजीवन सिंह यादव, हनीफ मलिक, जलालुद्दीन जलाल, मनोज चतुर्वेदी, अशोक कुमार गुप्ता, डा. आरएन राय, मनीराम कुशवाहा, अनिल झा, सुरेश नगाइच, रामकुमार श्रीवास, बबलू श्रीवास, बृजभूषण पटेल, लक्ष्मी पांचाल, जितेंद्र वर्मा, शंकरलाल कुशवाहा व पूर्व ब्लाक प्रमुख संजू यादव, इंदू यादव आदि ने गांव में फल, बिस्कुट व खाने के पैकेट वितरित किए। इसके अलावा बसपा जिलाध्यक्ष आरके अहिरवार, पूर्व मंत्री विहारी लाल आर्य आदि भी गांव पहुंचे। सब डिवीजन बार एसोसियेशन का प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार दुबे के नेतृत्व में पहुंचा, इसमें देवेंद्र मोहन यादव, अशोक सूर्यवेदी, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, गजेंद्र यादव, संजीव चउदा, भूपेन्द्र सिंघल, प्रवीण सुरौठिया, आशुतोष भार्गव, रवि नीखरा, अशोक कुमार गुप्ता, सुधीर अवस्थी, जगदीश पंडा, नवल माहेश्वरी, गौरी शंकर, जालम श्रीवास, सज्जन यादव, बृजभूषण अहिरवार, सुरेश चंद्र राय, भरतलाल, हनुमत पटेल, विजय खरे, एम. राम वर्मा, छत्रपाल सिंह आदि शामिल रहे ।
मदद को आगे बढ़े हाथ
मऊरानीपुर (झांसी)। रूपा धमना गांव में बेघर हुए लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन व जन प्रतिनिधि आगे आ गए हैँ।
राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव ने रूपा धमना पहुंच कर पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि प्रति परिवार को प्रशासन की ओर से गेहूं, चावल व दालें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विष्णु राय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाजी महमूद अहमद, रामाधार सिंह यादव, संजीव यादव, शंकरलाल कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।
वहीं क्षेत्रीय विधायक डा. रश्मि आर्य ने ग्राम रूपा धमना के अग्निकांड पीड़ित प्रति परिवार को एक क्विंटल गेहूं, प्रति व्यक्ति एक कुर्ता पायजामा, महिलाओं को साड़ियां तथा लड़कियों को सलवार सूट अपनी तरफ से देने की घोषणा की। वहीं उन्होंने अपने पति जयप्रकाश आर्य के साथ नगर के व्यापारियों से संपर्क कर मदद करने की अपील की। इस दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरिश्चंद्र आर्य, दीपक कठिल, संजीव लोहिया, केके सिंह यादव, पन्नालाल पटेल, दीपू मोदी, राजू पायक, मनोज अग्रवाल, संजू सोनी, राजमणि, मुकेश प्रताप यादव, बासु बजाज, अमित कटारे, शांतनू दुबे, अमित, गोरे अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
बुधवार शाम गांव पहुंचे जिलाधिकारी अनुराग यादव ने बृहस्पतिवार को सभी परिवारों को एक - एक क्विंटल चावल व गेहूं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। झांसी के व्यापारी नेता राजीव राय ने जिलाधिकारी की अपील पर ग्रामीणों की मदद के लिए सौ क्विंटल गेहूं ग्राम रूपा धमना भेज दिया।
दो दशक पहले हुआ था भीषण हादसा
झांसी। करीब दो दशक पूर्व टहरौली के ग्राम खिल्ला बारी में भीषण अग्निकांड हुआ था। खलियान में लगी आग के कारण तब पूरा गांव जल कर राख हो गया था। खिल्ला बारी के बाद रूपा धमना में यह भीषण अग्निकांड हुआ है।