अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सरकारी विभाग में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से छह लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित युवक को जालसाजों ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाते हुए छह माह की ट्रेनिंग भी करा दी। कई माह तक नौकरी न मिलने पर उसने पैसा वापस मांगा। आरोपी उसे धमकाने लगे। भुक्तभोगी ने कोर्ट की मदद से नवाबाद थाने में छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नवाबाद थाना क्षेत्र के राजपूत कॉलोनी निवासी शिवम चौधरी ने पुलिस को बताया कि वह रेस्तरां चलाता है। रेस्तरां से उसकी मुलाकात भानु शाक्या निवासी प्रेमगंज से हुई। उसके साथ रविंद्र शाक्या, हितेश शाक्या, राजकुमार, विनीत और शशिकांत भी आते थे। भानु ने बताया कि उसकी सचिवालय में अच्छी पहचान है। संविदा पर विभिन्न विभागों में वह नौकरी दिला सकता है। झांसे में आकर शिवम ने एक लाख रुपये ऑनलाइन के साथ पांच लाख रुपये नकद दे दिए। पैसा मिलने पर आरोपी ने उसे आईकार्ड एवं ज्वाइनिंग लेटर दे दिए। प्रशिक्षण के नाम पर दिल्ली, हरियाणा और उरई भेजा गया। यहां उसने अपने खर्चें पर रहकर तीन माह की ट्रेनिंग ली। आरोपियों ने परमानेंट कार्ड आने तक इंतजार करने को कहा। कई महीने इंतजार के बाद भी कार्ड न आने पर वह भानु के पास पहुंचा। भानु उसे धमकाने लगा। शिवम का कहना है उसने पुलिस से शिकायत की लेकिन, सुनवाई नहीं हुई। फरवरी महीने में उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को नवाबाद पुलिस ने सभी छहों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है।