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Jhansi News: ऑनलाइन गेमिंग में 20 हजार गंवाने से दुखी युवक ने जहर निगलकर दी जान

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। ऑनलाइन गेमिंग में 20 हजार रुपये हार जाने से दुखी युवक ने जहर निगल लिया। अचेत हाल में परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज आए। मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

तालबेहट (ललितपुर) थाना के राधापुर गांव निवासी रामनिवास (19) पुत्र द्वारिका प्रसाद पढ़ाई-लिखाई बंद करके गांव में ही किराने की दुकान चलाता था। परिजन ने पुलिस को बताया कि किराने की दुकान में बैठने के दौरान राम निवास को ऑनलाइन गेम खेलने की लत पड़ गई। कुछ महीने से वह रुपयों की बाजी लगाने लगा।
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पिता ने दुकान के लिए उसे करीब 20 हजार रुपये दिए थे। यह रकम भी वह हार गया। इससे वह दुखी रहने लगा। सोमवार को घर में अकेला था। उसी दौरान उसने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। बिस्तर पर अचेत हाल में पड़ा था। परिजन उसे लेकर पहले तालबेहट स्थित अस्पताल पहुंचे। हालत नाजुक होने डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। यहां आने पर उसने दम तोड़ दिया।

इनसेट

ऑनलाइन गेमिंग में फंसकर कई लोग गवां चुके जान



ऑनलाइन गेमिंग में फंसकर कई लोग जान गवां चुके हैं। पिछले नौ महीने के दौरान झांसी रेंज में ऐसे सात मामले सामने आ चुके हैं। कुछ दिनों पहले कोतवाली इलाके में ऑनलाइन गेमिंग में पैसा गंवाने से दुखी कारोबारी ने भी फंदे से लटक कर जान दे दी।
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ऑनलाइन गेमिंग से बचने के लिए इन आदतों पर करना होगा अमल



ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ आदतों को अमल में लाने की सलाह दी है। साइबर विशेषज्ञ डा. रजनीश गुप्ता का कहना है कि एक सीमा के बाद गेमिंग की आदत आत्मघाती स्तर तक पहुंच जाती है। समय रहते सचेत होने की आवश्यकता है।

- ऑनलाइन गेमिंग में हिस्सा लेने के बजाय कोशिश करें कि इनडोर अथवा आउटडोर खेल में हिस्सा लें।



- समय न होने पर अपनी दिलचस्पी का विषय चुनकर किताबें पढ़ने की आदत डालें।

- उन स्थितियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए जो खेलने के लिए बाध्य करती हो।



- गेमिंग से जुड़े सोशल मीडिया समूहों से दूरी बनाकर रखें।

- गेमिंग को धीमे-धीमे कम करें।



- यदि यह लत नियंत्रित करने में तकलीफ हो रही है, तब परिजनों अथवा मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

- खेलने के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें। इसके बाद इसमें कटौती करना शुरू करें।
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