संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जुए में लगातार मिल रही हार से कर्ज में डूबे युवक छोटू लाल ने फंदा लगाकर जान दे दी। युवक के पिता ने बताया कि बेटा कर्ज लेकर जुआ खेलता था। कर्ज की वसूली के लिए सूदखोर उसकी पिटाई करते थे। वह उसे जिला अस्पताल लेकर गए थे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। रामदास के चार बेटों में दो ने कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली है। अब उसके दो बेटे राम व श्याम हैं।
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के गांव करारी में रहने वाला छोटू लाल (27) मजदूरी करता था। छोटू शराब पीने के साथ जुआ भी खेलता था। मृतक के पिता रामदास अहिरवार ने बताया कि उसने व रिश्तेदारों ने छोटू को बहुत समझाया लेकिन वह नहीं माना। जुआ के लिए वह लोगों से कर्ज लेने लगा और करीब 50 से 60 हजार रुपये कर्ज लेकर जुए में हार गया। कर्ज न चुका पाने के कारण सूदखोर उसकी पिटाई करने लगे। पिता ने बताया कि छोटू इसकी शिकायत पुलिस से करना चाह रहा था लेकिन उसने रोक दिया। इधर, सूदखोरों से परेशान होकर बुधवार उसने घर में फंदा लगा लिया।
मामले की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। सीपरी बाजार थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों ने इस मामले में तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
10 से 20 प्रतिशत वसूलते हैं ब्याज
मृतक के पिता रामदास ने बताया कि बेटे छोटू को कर्जदार 10 से 20 प्रतिशत ब्याज पर रुपये देते थे। छोटू शादीशुदा था। उसकी दो बेटी व एक बेटा है। मूलधन वापस न करने से सूदखोर उसे परेशान कर रहे थे। इससे वह बहुत डरा हुआ था।
बड़े भाई ने भी की थी आत्महत्या
रामदास ने बताया कि छोटू से बड़ा उसका एक बेटा पातीराम था। वह भी जुआ व शराब का शौकीन था। जुए के कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था। इससे परेशान होकर उसने पांच साल पहले ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। पातीराम की मौत के बाद पैसे के लिए कर्जदार परेशान करने लगे। इस पर उसने अपनी तीन एकड़ भूमि करीब 15 लाख रुपये में बेचकर कर्ज उतारा था। अब उसके पास बेचने के लिए कुछ नहीं बचा है।