झांसी। प्रेमनगर के राजगढ़ स्थित 33वीं वाहिनी पीएसी परिसर में खुद को उप्र पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का कर्मचारी बताते हुए एक युवक जा घुसा। वह गोपनीय दस्तावेज में हस्ताक्षर कराने की फिराक में था लेकिन, पीएसी कर्मियों को शक हो गया। परिचय पत्र मांगने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सिविल लाइंस, मनु विहार कॉलोनी निवासी पवन जायसवाल बताया। पीएसी की ओर से प्रेमनगर थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पीएसी आरक्षी कृष्णा शर्मा ने पुलिस को बताया कि सहायक सेनानायक इश्तेयाक अहमद की ओर से आरक्षी संजय प्रताप सिंह की ओर से फर्जी आदेश निर्गत करने के मामले की जांच चल रही है। सहायक सेनानायक की ओर से इस संबंध में उप्र पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के प्रधान लिपिक को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। बृहस्पतिवार रात 9:45 बजे एक युवक ने खुद को स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड में नियुक्त प्रधान लिपिक सतीश बाबू बताते हुए पेश हुआ। लिखित बयान के बाद उसने एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। उसके हस्ताक्षर पर संदेह होने पर आरक्षी कृष्णा शर्मा ने उससे पहचान पत्र मांगा लेकिन, वह वैध परिचय पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मनु विहार कॉलोनी निवासी पंकज जायसवाल बताया। आरक्षी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।