झांसी। रक्सा थाना क्षेत्र के ढिकौली गांव निवासी रजनीश परमार (20) ने बीडा से मिले मुआवजे की रकम में अपना हिस्सा न मिलने की वजह से जहर निगल लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल आए। सोमवार तड़के उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
ढिकौली निवासी रजनीश परमार आईटीआई का छात्र था और इन दिनों एक होटल में कार्य करता था। उसके पिता भूपेंद्र खेती करते हैं। परिवार के अनुसार रजनीश के दादा के नाम करीब 10 एकड़ भूमि बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए अधिग्रहित हुई है, जिसके एवज में लगभग दो करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना है।
परिजनों का कहना है कि मुआवजे की राशि और उसमें हिस्सेदारी को लेकर परिवार में मतभेद चल रहे थे। भूमि दादा के नाम होने के कारण मुआवजे की प्रक्रिया भी उनके नाम से हो रही थी लेकिन, रजनीश इसमें अपना हिस्सा चाहता था। परिवार की अन्य सदस्य भी मुआवजे का दावा कर रहे थे। इस वजह से परिवार में विवाद होता था। रविवार रात अपने कमरे में जाकर उसने इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश लिखा। उसके बाद जहर निगल लिया। उसे अचेत हाल में देखकर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसके जहर निगलने की पुष्टि की। थाना प्रभारी उदय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मुआवजे को लेकर पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। इस विवाद में उसने जहर निगलकर जान दे दी। शव परिजनों को सौंप दिया गया है।