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कोरोना ने शादी के 15 दिन बाद ही उजाड़ दिया सुहाग

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a woman widow in 15 days due to corona
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झांसी। पंद्रह दिन पहले ही रश्मि ने सुहाग का चोला ओढ़ा था। आंखों में दांपत्य जीवन के तमाम सपने अभी करवट ही ले रहे थे। लेकिन, खुशियों का ये दौर रश्मि के जीवन में ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाया। हाथों में मेहंदी की लालिमा तो है, लेकिन कलाई से रंगबिरंगी चूड़ियां उतर गईं हैं। सुहाग की निशानी सिंदूर भी रश्मि के अब किसी काम का नहीं रहा है। जी हां, शादी के एक पखवाड़े बाद ही रश्मि के पति की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हो गई है। कोरोना वायरस के संक्रमणकाल में शुरू हुआ जिंदगी भर साल चलने का सफर महज एक पखवाड़े में ही खत्म हो गया। इस घटना से पूरा इलाका खौफ और शोक में डूबा हुआ है। लोगों में बीमारी का खौफ है तो एक नवविवाहित युवक की मौत का शोक।
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ग्राम सेसा निवासी के ठाकुरदास पाल के छोटे बेटे लक्ष्मण पाल (25) की शादी 23 मई को थाना पंडोखर के ग्राम देवरी की रश्मि से हुई थी। कोरोना वायरस संक्रमणकाल में हुई ये शादी बेहद सादगीपूर्ण ढंग से हुई थी। लेकिन, इस नये रिश्ते की शुरुआत से नवविवाहित जोड़ा बेहद खुश था। दोनों की आंखों में स्वर्णिम भविष्य के सुखद सपने पलने लगे थे। इसी बीच रस्म के मुताबिक मायके पक्ष के लोग रश्मि की विदा करा ले गए। जाते वक्त रश्मि पति से जल्द आने का वादा करके गई थी। रश्मि को इस बात का जरा भी गुमान नहीं था कि उसके दुबारा लौटने तक उसकी दुनिया उजड़ गई होगी। वह अपने पति से नहीं, बल्कि उसकी लाश से रूबरू होगी।
तीन दिन पहले रश्मि के पति लक्ष्मण की तबीयत खराब हुई। उसे पेट में दर्द की शिकायत थी। रविवार की दोपहर अचानक उसकी सांसें तेज चलने लगी। ये देख परिजन आनन - फानन में कार से मोंठ अस्पताल लेकर भागे। हालत गंभीर होने पर यहां से उसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। इलाज के दौरान लक्ष्मण का कोरोना का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे हड़कंप मच गया। साथ ही नवविवाहित युवक की मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
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रश्मि के साथ रोया हर कोई
पति की मौत की सूचना रश्मि के मायके में दी गई। लेकिन, मायके वाले इस गम को दबाए रहे और रश्मि से छुपाए रहे। किसी तरह हिम्मत कर परिजनों ने रश्मि से ससुराल चलने को कहा। रश्मि ने पूछा कि उसकी विदा कराने तो कोई आया नहीं, ऐसे में वे उसे ससुराल लेकर क्यों जा रहे हैं। इस पर भाई ने कहा कि ससुराल में कुछ काम आ गया है। ऐसे में वे आने में असमर्थ हैं। इसलिए उसे उनके साथ ही चलना होगा। ये सुनकर रश्मि खुशी - खुशी ससुराल लौटने को तैयार हो गई। वो अपने भाई और दादा के साथ ससुराल पहुंची। यहां पहुंचकर उसे पति की मौत की जानकारी हुई। पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई और वो दहाड़े मार-मारकर रोने लगी। रश्मि के करुण क्रंदन से वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं और गले रुंध गए।
परिवार के नौ लोगों को क्वारंटीन किया, 45 नमूने लिए
युवक की मौत के बाद उसके परिवार के नौ लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। साथ ही आसपास के 45 लोगों के नमूने एकत्र किए गए हैं। मोंठ तहसीलदार डॉ लालकृष्ण ने ग्राम पहुंचकर जानकारी ली तथा पूरे मोहल्ले को कंटेनमेंट घोषित किया। मोहल्ले के सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है, मोहल्ले के सभी लोगों को समझा दिया गया है कि घर पर ही रहें। कहीं आने-जाने पर पाबंदी रहेगी।
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