फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: बर्थडे पार्टी मनाने गया किशोर पारीछा बांध में डूबा, 27 घंटे बाद मिला शव

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो

झांसी।
पारीछा बांध में जन्मदिन पार्टी मनाने गए किशोर की अपने छोटे भाई को बचाते समय बांध में डूबने से मौत हो गई। उसका शव हादसे के 27 घंटे बाद शनिवार शाम करीब पांच बजे घटना स्थल से पचास मीटर दूर पत्थरों के बीच से बरामद हुआ। बचाव कार्य में जुटे अफसरों के मुताबिक, बांध से पानी का बहाव तेज होने से शुक्रवार को शव बरामद नहीं हो सका था। शनिवार को एसडीआरएफ टीम ने पहुंचने के दो घंटे बाद शव बरामद कर लिया। किशोर की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।

थाना चिरगांव के पारीछा कॉलोनी निवासी प्रदीप के छोटे बेटे रिंकू रायकवार (15) फुफेरे भाई चेतन का जन्मदिन मनाने अपने बड़े भाई हिमांशु उर्फ दिव्यांश, फुफेरे भाई भरत और चेतन के साथ दोपहर करीब 2:30 बजे पारीछा डैम पहुंचा था। चारों बांध के किनारे पहुंचकर नहाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक पांव फिसलने से चेतन गहरे पानी में चला गया। रिंकू ने किसी तरह उसे बाहर निकाला, लेकिन पानी के तेज बहाव में खुद को संभाल नहीं सका और गहरे पानी में डूब गया। उसे डूबता देख वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया। आसपास के लोग पहले उसे तलाशते रहे।
विज्ञापन




पता न चलने पर शाम करीब 6 बजे चिरगांव पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना पर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ जा पहुंचे। गोताखोरों को भी बुला लिया गया। देर-रात तक पता न चलने के बाद शनिवार को फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई गई। एसडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया गया। पानी के तेज बहाव के बीच ही एसडीआरएफ ने तलाश शुरू की। घटना स्थल से करीब 50 मीटर दूर पत्थरों के बीच रिंकू का शव मिल गया। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह के मुताबिक शव पत्थरों के बीच अटक जाने की वजह से नहीं निकल सका था।
विज्ञापन




तैरना न आने से तेज बहाव की चपेट में आ गया रिंकू



बेतवा नदी के कैचमेंट इलाके में पिछले दो दिनों के दौरान हुई तेज बारिश के चलते पारीछा बांध के गेट खोलने पड़े। शुक्रवार को ही गेट खोलकर बांध से 3930 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ऐसे में बेतवा नदी में भी तेज बहाव था। इसके बावजूद चारों किशोर नहाने पहुंचे थे। आसपास के लोगों का कहना है कि मछुआरा समाज के लोग उफनाई बेतवा में भी मछली मारने जाते हैं। ऐसे में इन किशोरों को किसी ने टोका नहीं जबकि रिंकू को ठीक से तैरना नहीं आता था। परिजनों का कहना है कि रिंकू ठीक से तैर नहीं पाता था। इसी वजह से वह पानी के तेज बहाव से बाहर नहीं आ सका।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें