फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: कहानी वही जिसमें मन का आवेग शब्दों में परिवर्तित हो

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। गीतकार के साथ कोई तबला व हरमोनियम नहीं होता है। उन्हें अपनी कला कंठ से ही दिखानी पड़ती है। कहानी वही है जिसमें मन के आवेग को शब्दों में परिवर्तित कर दिया जाए। यह बात बृहस्पतिवार को बीयू में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं अंतरराष्ट्रीय सृजनात्मक लेखन कार्यशाला एवं संगोष्ठी में वक्ताओं ने कही।



मुख्य अतिथि सेवानिवृत आईएएस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने कहा जितना बल लेखनी पर लगाएंगे, उतना ही बेहतर परिणाम आएगा। अगर आप लेखक बनाना चाहते हैं, तो त्याग करना पड़ेगा। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विवि से आए डॉ. विनम्र सेन सिंह ने कहा बहुत कुछ सीखना और पढ़ना होगा। तब आप कहीं जाकर अच्छे साहित्यकार बन पाएंगे। कहानीकार शब्दों से ध्वनि पैदा करता है। कार्यक्रम अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री पवनपुत्र बादल ने कहा कि परिवार के प्रति समर्पित रहिए। यह भारतीय परिवार व्यवस्था भारत को मजबूत करेगा। अतिथियों का स्वागत प्रो मुन्ना तिवारी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


0- इंसेट


ओज की कविताओं पर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

सांस्कृतिक संध्या में हुए कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अखंड प्रताप ने अपनी मशहूर कविता ''''मां का खत आया है'''' का पाठ किया। उन्होंने ओज और हास्य रस की कविताएं सुनाईं। ''''राम नहीं सीता हूं'''' कविता से महिलाओं की पीड़ा को रखा। इलाहाबाद से पधारे कवि विनम्र सेन सिंह ने कहा ‘प्यार हो जाए तो...’ आदि कविता सुनाईं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें