झांसी। झांसी में मंगलवार को बेजुबान से प्रेम का एक अनूठा मामला सामने आया। इंसान के लिए सबसे वफादार माने जाने वाले डॉगी को एक संस्था की पहल से नया जीवन मिला। महानगर की सड़कों पर घूमने वाला अंधा और बीमार डॉगी अमेरिका पहुंच गया। दुत्कार, मार और पीड़ा से जूझ रहे इस डॉगी को अमेरिकन दंपती की गोद मिली।
दरअसल, महानगर के लक्ष्मणगंज निवासी मिनी खरे जीव आश्रय समिति चलाती हैं। इस संस्था के जरिए वह अब तक करीब 200 पशुओं का इलाज करा चुकी हैं। 21 फरवरी को उनको सूचना मिली कि आईटीआई के पास सड़क किनारे एक डॉगी जख्मी हालत में पड़ा हुआ है। किसी ने डॉगी को पत्थर मारकर घायल कर दिया है। वह अपने साथी शकील खान के साथ तत्काल वहां पहुंचीं। उन्होंने देखा कि कुत्ते के चेहरे पर बने जख्म पर कीड़े रेंग रहे थे और वह बुरी तरह से जख्मी था। मिनी कुत्ते को लेकर पशु चिकित्सक के पास पहुंची, तो पता लगा कि कुत्ते कि दोनों आंखें खराब हो गईं हैं। डॉगी सात महीने का बताया गया। कुत्ते का उपचार कराने के लिए मिनी ने उसके अडॉप्शन के लिए फेसबुक पर एक पोस्ट डाली। जिसके बाद एक अमेरिकी संस्था की अध्यक्ष हेलेन ब्राउन ने उनसे संपर्क किया। डॉगी के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद अमेरिकी संस्था की पहल पर एक दंपती ने उसे गोद लेने की इच्छा जताई। इसके बाद रविवार को संस्था के भारतीय प्रतिनिधि दिल्ली से झांसी पहुंचे और कागजी प्रक्रिया के बाद डॉगी को ले गए। हवाई सेवा के जरिए अमेरिका पहुंचे डॉगी को पेनिसेल्विेनिया शहर के दंपती के सुुर्पुद किया गया। सड़क पर घूमने वाले कुत्ते को नया जीवन मिल गया है। संस्था की पहल की लोगों ने सराहना की है।