संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। एक युवक से परेशान होकर परिजन नाबालिग बेटी की शादी करा रहे थे। पुलिस व चाइल्ड लाइन ने शादी रुकवा दी। इसके बाद नाबालिग व उसकी मां को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। माफी मांगने के बाद दोनों को छोड़ दिया गया।
मऊरानीपुर थाने के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी को छह माह पहले दूर का रिश्तेदार उमेश फुसलाकर ले गया था। दिल्ली से पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था। वहीं, उमेश को जेल जाना पड़ा था। परिजनों ने बताया कि उमेश ने जेल से छूटते ही बेटी पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। इसलिए 30 नवंबर को उसकी शादी कराई जा रही थी लेकिन उमेश व उसके पिता ने 1098 पर इसकी शिकायत कर दी। बाल कल्याण समिति की सूचना पर पहुंची पुलिस व चाइल्ड लाइन की टीम ने शादी रुकवा दी। नाबालिग दुल्हन को पहले वन स्टॉप सेंटर में रखा फिर पुलिस ने उसे व उसकी मां को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। यहां मां ने माफी मांगते हुए कहा कि उसे कानून की जानकारी नहीं थी, इसलिए विवाह करा रही थी। अब ऐसा नहीं करेगी। इस कार्रवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सदस्यगण दीपा सक्सेना, कोमल सिंह, परबीन खान व हरिकृष्ण सक्सेना मौजूद रहे।