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एक पखवाड़े की मंदी, अब दूर हुई ‘ठंडी’

Fri, 25 Nov 2016 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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market news jhansi - फोटो : demo
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एक पखवाड़े से मंदी की मार झेल रहे बाजार में रौनक लौटने लगी है। आठ नवंबर को प्रधानमंत्री के एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटबंदी के फैसले के बाद बाजार में ठंडक पड़ गई थी। अब बैंकों से रुपये बदलने और व्यापारियों द्वारा चेक आदि से भुगतान लेने के कारण धीरे-धीरे यह ठंडक दूर हो रही है। हालांकि गति पहले जैसी नहीं है। आम दिनों में महानगर के बाजार में सात से आठ करोड़ रुपये का व्यापार हर दिन होता है, लेकिन अब यह चार से पांच करोड़ के बीच सीमित है।
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नोटबंदी के फैसले के बाद बाजारों में सन्नाटा था और बैंकों में भीड़ जमा थी। फैसले के एक पखवाड़े के बाद अब स्थिति सामान्य होती जा रही है। बैंकों से भीड़ छंट गई है और बाजारों में ग्राहक दिखाई देने लगे हैं। एटीएम से नोट निकलने के कारण भी लोगों को राहत मिली है। वहीं, बैंकों से भी लेनदेन सामान्य हो गया है। लोगों को परेशानी से बचाने के लिए व्यापारियों ने भी चैक, स्वाइप मशीन आदि से भुगतान लेना शुरू कर दिया है, जो बाजार में तेजी का प्रमुख कारण है। हालांकि, अभी वह रफ्तार नहीं है। व्यापारी नेता संजय पटवारी बताते हैं कि सामान्य दिनों में महानगर में सात से आठ करोड़ रुपये प्रतिदिन का व्यापार होता है। नोटबंदी के बाद ठप हुआ व्यापार अब चार से पांच करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। उन्होंने आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई है।

नोट के साथ बदली तस्वीर
नोटबंदी के बाद जैसे ही लोगों की करेंसी बदल गई, वैसे ही फुटकर बाजार की तस्वीर भी बदलने लगी है। पहले हाथ सिकोड़कर खर्च करने वाले लोग अब दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर हाथ खोलकर खर्च कर रहे हैं। हालांकि व्यापारियों को कुछ परेशानियों से भी जूझना पड़ रहा है। सुभाषगंज के व्यापारी माधव का कहना है कि बैंकों से मिले सिक्के लोग दे जाते हैं। हम वहीं सिक्के लेकर बैंक जाते हैं तो वह मना कर देते हैं।
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साठ फीसदी चला थोक बाजार
फुटकर बाजार में खरीदारी शुरू होने से थोक विक्रेताओं की भी बिक्री होनी शुरू हो गई है। सुभाष गंज में किराने के थोक विक्रेता राजकुमार ने बताया कि साठ फीसदी तक व्यापार शुरू हो गया है। वहीं, थोक व्यापारी प्रमोद किलपन का कहना है कि दो-तीन दिनों में व्यापार में तेजी आई है। जैसे-जैसे फुटकर व्यापार रफ्तार पकड़ेगा, वैसे-वैसे थोक बाजार भी सामान्य स्थिति में आ जाएगा।

सराफा बाजार में आई रौनक
नोटबंदी के कारण ठप हुए सराफा बाजार में सहालग के कारण तेजी आई है। लोगों ने आभूषण खरीदना शुरू कर दिया है। सराफा व्यापारी अतुल किलपन बताते हैं कि लोगों की जरूरत को देखते हुए चेक से भी भुगतान लिया जा रहा है। नोटबंदी का व्यापार पर असर पड़ा है। पिछले वर्ष की तुलना में मात्र चालीस फीसदी ही बिक्री हो रही है। व्यापार सामान्य होने में करीब एक महीने का समय लगेगा।

जनधन खातों से लेनदेन पर रोक से घटी भीड़
झांसी। जनधन खातों में रुपये जमा करने और निकालने पर रोक लगने के बाद बृहस्पतिवार को बैंकों में भीड़ कम नजर आई। सभी बैंकों के अधिकतर एटीएम चालू होने के कारण भी बैंक में खातेधारक ही रुपये जमा करने आए।
बुधवार को सरकार ने जनधन खातों की जांच का एलान किया। इसका असर यहां की बैंकों में पड़ा। कुछ बैंकों में पचास प्रतिशत भीड़ कम हो गई। एसबीआई पंचकुइंयां शाखा के प्रबंधक वीके सक्सेना ने बताया कि हमारी शाखा में जनधन के 35000 खाते खुले हैं। अधिकतर जनधन खातेधारक ही रुपये जमा करने और निकालने आते थे। बृहस्पतिवार से इन खातों में किसी प्रकार के लेनदेन पर रोक लगा दी है। इस कारण भीड़ कम हो गई है।
शहर के अधिकतर बैंकों के एटीएम चालू होने के कारण लोगों को राहत मिली हैै। बीकेडी, मेडिकल कॉलेज, खंडेराव गेट, जिला अस्पताल समेत कई जगहों के एटीएम चालू हो गए हैं। एटीएम से दो हजार के नोट ही निकलने के कारण लोगों को खुल्ले लेने में परेशानी भी हो रही है।
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