अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। समथर के आंबेडकर नगर निवासी दशरथ दोहरे (36) ने बेटे के प्रेम विवाह कर लेने से दुखी होकर फंदा लगाकर जान दे दी। दशरथ के विरोध के बाद भी पांच दिन पहले उनके इकलौते बेटे ने प्रेम विवाह कर लिया और पत्नी को भी घर ले आया। रविवार सुबह उसका शव खेत के पास पेड़ से लटका मिला।
आंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी दशरथ दोहरे खेती-किसानी करते थे। परिवार में पत्नी समेत बेटा हरनाम एवं बेटी माया हैं। बेटा हरनाम पहाड़पुर स्थित डिग्री कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीन साल पहले हरनाम की दोस्ती मोहल्ले में रहने वाली एक युवती से हो गई। दोनों एक-दूसरे को चाहने लगे। प्रेमी युगल ने परिजनों से शादी कराने को कहा, मगर बात नहीं बनी। पांच दिन पहले दोनों ने घर से भागकर शादी रचा ली। हरनाम पत्नी को लेकर घर आ गया। यह बात दशरथ बर्दाश्त नहीं कर पाए। परिवार में भी इस बात पर विवाद हुआ।
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कर्ज से भी चल रहे थे परेशान : परिजन ने छानबीन के दौरान पुलिस को बताया कि दशरथ को खेती-किसानी में भी काफी नुकसान हुआ। उन पर करीब पांच लाख का कर्ज था। कुछ दिनों पहले ही तिल और मूंग की फसल लगाई थी, लेकिन बारिश की वजह से इसे भी नुकसान हुआ। दशरथ पहले से परेशान थे। बेटे के इस कदम से दुखी होकर आत्मघाती कदम उठा लिया।
शनिवार रात करीब 8 बजे वह घर से चले गए। रातभर घर नहीं लौटने पर परिजन तलाशते रहे। रविवार सुबह खेत में लगे पेड़ से रस्सी के सहारे शव लटका मिला।
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छानबीन के दौरान फंदा लगाकर सुसाइड करने की पुष्टि हुई है। परिजन ने भी बताया कि बेटे के प्रेम विवाह कर लेने से दशरथ बहुत तनाव में थे।
अजय कुमार श्रोत्रिय, क्षेत्राधिकारी, मोंठ