दोस्तों के साथ पार्टी करने गए गरौठा के सुजानपुरा गांव निवासी हाकिम यादव (40) को निवाड़ी (मध्य प्रदेश) के टेहरका इलाके में गोली मार दी गई। नाजुक हाल में उसे मेडिकल अस्पताल लाया गया था। यहां उसकी मौत हो गई। विवाद की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। परिजनों का कहना है हाकिम को प्रधान का पति और उसका दोस्त अपने साथ कार से पार्टी कराने के बहाने लेकर गया था। उसकी मौत के बाद वह भी भाग निकला। नाराज परिजनों ने मेडिकल अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। एमपी पुलिस भी यहां आई थी। उसने किसी तरह समझा-बुझाकर उनको शांत कराया। शरीर में दो जगह गोली के निशान मिले हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
सुजानपुरा गांव निवासी हाकिम यादव खेती किसानी करता था। परिजनों ने बताया रविवार रात उसका दोस्त प्रधान का पति हरिशंकर पार्टी कराने के बहाने अपनी कार से हाकिम को लेकर गया था। आधी रात तक दोनों लौटकर नहीं आए। रात करीब दो बजे प्रधान के पति हरिशंकर ने फोन करके हाकिम को गोली लगने की बात बताई। घायल हाल में हाकिम को लेकर मेडिकल अस्पताल आने की बात कही। यह सुनकर हाकिम के परिजन भी अस्पताल आ गए। यहां हरिशंकर ने उनको बताया कि टहरका के थोना गांव में अवधेश के खेत में बने फार्म हाउस में दारू पार्टी कर रहे थे। वहां 4 से 5 लोग पहले से मौजूद थे। यहां हाकिम का उन युवकों से विवाद हो गया। तमंचे से उसके सीने एवं हाथ में गोली मार दी गई। खून से लथपथ होकर हाकिम गिर पड़ा जबकि हमलावर भाग निकले। गोली चलने की सूचना पर एमपी पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने उसे मेडिकल अस्पताल भिजवाया। यहां हाकिम को आईसीयू वार्ड में भर्ती कर लिया गया। सोमवार तड़के उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि हाकिम की मौत के कुछ देर बाद हरिशंकर वहां से भाग निकला। नाराज परिजन हंगामा करने लगे। एमपी पुलिस ने परिजनों से बातचीत करके उनको समझाया। परिजनों ने कुछ संदिग्ध लोगों के नाम बताए। हालांकि हत्या के पीछे के विवाद की बात वे लोग नहीं बता सके। निरीक्षक रवि श्रीवास्तव का कहना है कि गोली लगने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एमपी पुलिस को भेजी जाएगी। एमपी पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
शरीर के भीतर फंस गई सीने में मारी गई गोली
हाकिम के शरीर में गोली के दो निशान मिले हैं। एक गोली उसके हाथ में लगने से आर-पार हो गई जबकि सीने में धंसी गोली के बाहर निकलने के निशान नहीं मिले। गोली शरीर के अंदर फंसी रह गई। इससे उसने शरीर के भीतरी नाजुक हिस्सों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। चिकित्सकों का कहना है कि गोली बाहर न निकलने की वजह से वह शरीर के भीतर घूमती रही। इससे उसकी मौत हो गई। उधर, हाकिम की मौत से पत्नी नीतू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार में पत्नी समेत एक बेटा एवं बेटी है। बेटी गरौठा में आठवीं की छात्रा है जबकि बेटा बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है।