अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में चार साल की लड़की की पीठ पर हुई आधा किलो से ज्यादा वजन गांठ (लाइपोमा) का सफल ऑपरेशन हुआ। लड़की की तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है। डॉक्टर का दावा है कि टेढ़ी हो रही रीढ़ की हड्डी भी अब सही हो जाएगी।
प्नेमनगर के बिजौली की रहने वाली चार वर्ष की लड़की की पीठ पर एक छोटी सी गांठ थी, जो धीरे-धीरे बड़ी होती गई। गांठ का आकार बढ़ने से रीढ़ की हड्डी टेढ़ी होने लगी। पसलियों पर इतना ज्यादा दबाव बढ़ गया कि वह अंदर की तरफ धंसने लगीं। फेंफड़ों पर दबाव बढ़ने लगा, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। यही नहीं 20 सेमी. लंबी और नौ सेमी. चौड़ी गांठ की वजह से सो नहीं पा रही थी।
परिजनों ने लड़की को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की ओपीडी में दिखाया। डॉ. नीरज कुमार बनौरिया ने परिजनों को ऑपरेशन की सलाह दी। जरूरी जांच करने के बाद डॉ. नीरज कुमार बनौरिया के नेतृत्व में सह आचार्य डॉ. राहुल लिटोरिया, सह-आचार्य डॉ. तरुण आर्या ने एसआर (सीनियर रेजिडेंट) के साथ करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन कर 530 ग्राम की गांठ (लाइपोमा यानी चर्बी की गांठ) निकाली। हालत में सुधार होने के बाद लड़की को घर भेज दिया गया है।
डॉ. नीरज कुमार बनौरिया ने बताया कि लड़की का उपचार अभी जारी है। अब उसकी टेढ़ी हो रही रीढ़ की हड्डी सीधी होगी और पसलियां भी अपने मूल आकार में आ जाएंगी। ऑपरेशन में डॉ. निखिल तिवारी, डॉ. नसीम अकरम, डॉ. अभिमन्यु सोनी, डॉ. जाईमन मैथ्यु, डॉ. पी. विनीथ, डॉ. सत्यम कुमार, डॉ. अनमोल, डॉ. सुनील गुप्ता, डॉ. गौरव कुमार सिंह आदि शामिल रहे।