झांसी। महंगाई अब आपके गली- चौराहों पर बिकने वाले समोसे पर भी असर दिखाने लगी है। महंगाई के दौर में मुनाफे के चक्कर में दुकानदारों ने समोसे का आकार घटा दिया है, जिससे अब एक समोसे से भूखे पेट में राहत पाने की आस पुरानी बात सी लगती है। वहीं, दाम बढ़ जाने से समोसे ने जेब पर भी वजन बढ़ा दिया है।
महंगाई के कारण समोसे में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम भी बढ़ गए हैं। मैदा, खाद्य तेल, मसाले की कीमतों में अंतर आया है। नगर में कुछ दुकानदारों ने समोसे के दाम तो नहीं बढ़ाए, लेकिन उन्होंने आकार घटा दिया। इस कारण पहले की तरह दाम चुकाने पर भी लोगों को समोसे के रूप में उतना आहार नहीं मिल पाता है। वहीं, कुछ दुकानदार ऐसे भी जिन्होंने एक समोसे पर दो से तीन रुपये तक बढ़ा दिए और पांच रुपये में बिकने वाला समोसा अब सात से आठ रुपये काहो गया। जबकि, कढ़ी के साथ छह रुपये व रायते तथा सब्जी के साथ लेने पर एक समोसा दस रुपये तक में दिया जाता है।
अंदर सैंयर गेट के दाऊ समोसा विक्रेता प्रदीप यादव भी मानते हैं कि महंगाई का असर समोसे पर पड़ा है।
आकार घटने से लोग खफा
झांसी। लोगों का कहना है कि अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में दुकानदारों ने समोसे का आकार छोटा कर दिया है। वहीं, मसालों में भी कटौती की गई है। इलाइट चौराहा पर समोसा खाने आए बरुआसागर निवासी सुनील वर्मा कहते हैं कि अब समोसे में पुरानी बात नहीं रही। आकार छोटा होने से इससे भूख शांत करना मुश्किल है। नगरा निवासी रेहान खान के मुताबिक बिना समोसा खाए मन को संतुष्टि नहीं मिलती है। लेकिन, मसालों की कमी से स्वाद कम हो गया है। अंदर सैंयर गेट निवासी राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि समोसे की रेट में बढ़ोतरी कर दी गई है, लेकिन आकार घटा दिया है। यह लोगों के साथ धोखा है। मिनर्वा निवासी नीरज कुशवाहा कहते हैं कि दुकानदारों को क्वालिटी से समझौता नहीं करना चाहिए।