झांसी। नगर निगम की व्यवस्था पटरी से उतरी दिख रही है। यहां तैनात कर्मचारियों का काम के प्रति गंभीरता (?) का आकलन इसी से किया जा सकता है कि वह महत्वपूर्ण फाइल तक सुरक्षित नहीं रखते हैं। पिछले दिनों सीपरी बाजार में प्रस्तावित शापिंग कांपलेक्स की प्रगति को लेकर जब क्षेत्रीय पार्षद ने जानकारी चाही तो पता चला कि अवर अभियंता ने फाइल ही गुम कर दी है। अब नए सिरे से फाइल बनाई जाएगी।
महापौर किरण राजू बुकसेलर ने करीब दो साल पूर्व सीपरी बाजार का भ्रमण कर व्यापारियों की समस्याएं सुनी थीं। व्यापारियों ने शौचालय की कमी के कारण नगर निगम की मार्केट (सब्जी मंडी) में गंदगी की समस्या बताई थी। साथ ही सुझाव दिया था कि यदि सब्जी मंडी को तुड़वाकर शापिंग कांपलेक्स बनवा दिया जाए तो इससे न केवल नगर निगम की आय बढ़ जाएगी, बल्कि मार्केट की वैल्यू भी बढ़ जाएगी। इसी क्रम में क्षेत्रीय पार्षद बाल स्वरूप साहू ने सदन की बैठक में सब्जी मंडी के स्थान पर कांपलेक्स बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया था।
उस समय जनकार्य विभाग ने आनन- फानन में कार्रवाई कर शापिंग कांपलेक्स की ड्राइंग तैयार कर ली थी। इसके बेसमेंट में वाहनों की पार्किंग, भूतल पर सब्जी मंडी और प्रथम तल पर रेडीमेड, कपड़ा, सौंदर्य प्रसाधन आदि के लिए मार्केट बनाने का प्रस्ताव था। इसके अलावा कांपलेक्स को शिवपुरी मुख्य मार्ग से जोड़ने की योजना थी, ताकि मार्केट में अतिक्रमण व जाम की समस्या न रहे। हालांकि, दुकानों की संख्या इसमें तय नहीं की गई थी।
लेकिन, लोकसभा चुनाव के कारण प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब, जब पार्षद बालस्वरूप साहू ने नगर आयुक्त अरुण प्रकाश को पुराने प्रस्ताव की याद दिलाई तो फाइल की तलाश की गई, लेकिन पता चला कि अवर अभियंता की लापरवाही के कारण फाइल गुम हो गई है। नगर आयुक्त ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने पार्षद को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में अब तेजी लाई जाएगी।
वास्तविक आवंटी फंसा सकते हैं पेच
झांसी। कांपलेक्स में कितनी दुकानें बनाई जाएंगी, इसके लिए सब्जी मंडी में आवंटित दुकानों का चिह्नीकरण कराया जाएगा। ताकि, पता लगाया जा सके कि वास्तविक आवंटी कितने हैं। दुकानों की संख्या निर्धारित होने के बाद कांप्लेक्स का स्टीमेट बनाया जाएगा। लेकिन, सूची नहीं होने के कारण इसमें वास्तविक आवंटी पेच फंसा सकते हैं।