झांसी। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को विद्यालयों में उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन में गड़बड़झाला आसान नहीं होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपस्थित छात्रों से ज्यादा मिड डे मील बनवाने की दशा में विद्यालय के प्रधानाचार्यों से रिकवरी करें।
मालूम हो कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील की धांधली की शिकायतें मिल रहीं हैं। विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण में विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम पाई जाती है, जबकि मिड डे मील रजिस्टर में संख्या अधिक अंकित रहती है। इस पर शिक्षकों का तर्क होता है कि बच्चे भोजन कर विद्यालय से चले गए। इस समय मांगलिक कार्यक्रम धूम होने से अधिकतर बच्चे स्कूल नहीं आते हैं। इसके बावजूद उनकी उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जा रही है। साथ ही मध्याह्न भोजन प्राधिकरण लखनऊ से आने वाले कॉल पर उपस्थिति संख्या अधिक बताई जा रही है। इस पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए बीएसए ने यह कदम उठाया है।
बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश कुमार सिंह के अनुसार मिड डे मील योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उक्त मामले में गड़बड़ी मिलने पर प्रधानाध्यापक से परिवर्तन लागत की रिकवरी की जाएगी।