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श्रद्धा के साथ मनाया संत ज्यूड का वार्षिक महापर्व

Tue, 29 Oct 2013 05:43 AM IST
Jhansi
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झांसी। सोमवार को सेंट ज्यूड चर्च में संत ज्यूड क ा वार्षिक महापर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। धर्म गुरुओं ने विश्व कल्याण की प्रार्थना करते हुए प्रेम पूर्वक रहने का संदेश दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कैंडल जुलूस भी निकाला।
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सुबह के समय पूजन अर्चन के प्रधान अनुष्ठाता महाधर्म गुरु पोप के भारत प्रतिनिधि राजदूत बिशप सल्वातोर पेनाचियो ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि सभी भक्त जन एकता में जीने और एक दूसरे को प्रेम बांटने के लिए यहां बुलाए गए हैं। बिना भेदभाव के सभी का आदर करना ईश्वरी गुण है। प्रभु यीशु के प्रेम और मानव जाति की सेवा के आदर्श सभी को एकता के सूत्र में बांधते हैं। उन्होंने पोप फ्रांसिस के प्रवचन के अंश सुनाते हुए कहा कि आप कभी आशा से वंचित नहीं रहें और आप दूसरों को भी आशा से वंचित नहीं करें।
पूजन अनुष्ठान में झांसी धर्म प्रांत के बिशप पीटर पारापुल्लिल, ग्वालियर के धर्माध्यक्ष बिशप जोसेफ, पूर्व बिशप फेडरिक डिसूजा, फादर फेडरिक मेंडोसा, फादर रिचर्ड, सिस्टर मरिएल्ला, फादर सदानंद, फादर डेनिस, फादर एलेक्स, फादर जूलियन, फादर जोन पोल, फादर वलेरियन, फादर वर्गीस, ब्रदर ओम प्रकाश, अगस्टीन, प्रभा टोप्पो, डगलस अमराल के अलावा विभिन्न प्रांतों के 70 धर्म गुरुओं ने भाग लिया। प्रार्थना सभा में मुंबई, गोवा, भोपाल, इंदौर, दिल्ली, आगरा, पंजाब, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना आदि स्थानों से आए पुरोहितों, सिस्टर्स व श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी ने लोगों की भलाई व सुख शांति की क ामना की। पर्व के तहत दिन भर संत ज्यूड के नाम पर प्रार्थना सभाओं का दौर चलता रहा।
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शाम के समय श्रद्धालुओं ने सेट ज्यूड चर्च से कैंडल जुलूस निकाला। जुलूस में श्रद्धालु सेंट ज्यूड की पवित्र प्रतिमा के साथ पवित्र अवशेष सिल्वर, गोल्ड क्रास व छतरियों को लेकर चल रहे थे। हाथों में कैंडल लेकर चल रहे श्रद्धालुओं ने प्रार्थना गीत भी गाए। जुलूस इलाहाबाद बैंक चौराहे से होते हुए चर्च में वापस लौटा। इसके बाद चंगाई प्रार्थना सभा हुई, जिसमें प्रभु से सभी लोगों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु से आशीष मांग कर जीवन में सदैव मार्गदर्शन देने की प्रार्थना की।


कार्यक्रम में दिखे संस्कृति के कई रंग
झांसी। सेंट ज्यूड चर्च में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भारत की विभिन्न संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु अपनी पारंपरिक पोशाकों में शामिल हुए।

संकट से मुक्ति दिलाते हैं संत ज्यूड
झांसी। संत ज्यूड प्रभु यीशु के बारह शिष्यों में से एक हैं। वह निराश लोगों के संरक्षक व सहायक माने जाते हैं। मान्यता है कि संकट के समय उन्हें पुकारने वाले भक्त की मदद के लिए वह अवश्य आते हैं।
नगर के इलाहाबाद बैंक चौराहा पर स्थित सेंट ज्यूड का चर्च पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। चर्च का विश्व में द्वितीय एवं एशिया में पहला स्थान है। सन् 1965 में झांसी के प्रथम बिशप फ्रांसिस फेनेक ने सेंट ज्यूड की भक्ति को यहां से शुरू किया था। फ्रांसिस फेनेक माल्टा द्वीप के फादर थे।
प्रतिवर्ष अक्तूबर माह में 19 से 27 तारीख तक उनके संत ज्यूड के नाम पर विशेष प्रार्थना की जाती है। नौ दिनों तक चलने वाली प्रार्थना को नोवीना प्रार्थना कहा जाता है। दसवां दिन संत ज्यूड थद्देयुस की शहादत का दिन है। इस महापर्व पर उनके भक्त इस तीर्थ स्थल पर आकर संत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनका आभार प्रकट करते हैं।
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