झांसी। सीपरी बाजार थानांतर्गत गांव बरगढ़ में लांक से गेहूं निकालते समय निकली चिंगारी से हार्वेस्टर मशीन ने आग पकड़ ली। जब तक चालक व किसान मशीन की आग बुझाते तब तक खेतों में खड़ी फसल में आग लग गई जिससे गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया मगर सफलता नहीं मिली। जब तक दमकल खेतों पर पहुंची तब तक करीब 35 बीघा खेत की फसल और हार्वेस्टर मशीन जलकर राख हो गई। आग बुझाने के प्रयास के दौरान करीब आधा दर्जन ग्रामीण झुलस गए।
गुरुवार को किशन सिंह यादव के खेत पर हार्वेस्टर मशीन लांक से गेहूं निकाल रही थी। यकायक हार्वेस्टर मशीन से चिंगारी निकली, जिससे उसमें आग लग गई। आपरेटर जग्गा सिंह ने वहां मौजूद किसानों के साथ आग बुझाने का प्रयास किया मगर तब तक फसल ने आग पकड़ ली। इस बीच चली हवा से आग भड़क गई और तेजी से खेत में खड़ी सूखी फसल ने आग पकड़ ली वहीं दूसरी ओर हार्वेस्टर मशीन से लपटें निकलने लगी। खेत में आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। कुछ देर में सैकड़ों ग्रामीणों ने खेत पर पहुंचकर आग बुझाना शुरू किया मगर कोई सफलता नहीं मिली। इस दौरान एक के बाद एक खेत की फसन में आग लगती चली गई। करीब 11.24 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना पर दमकल गाड़ियां गांव की ओर दौड़ पड़ीं मगर रास्ता खराब होने की वजह से करीब एक-सवा बजे घटना स्थल पर खेत पर पहुंच सकीं। इसके बाद दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से करीब 3.10 बजे आग पर काबू पाया। बताते हैं आग से करीब 35 बीघा खेत में खड़ी करीब साढ़े चार सौ क्विंटल फसल जलकर राख हो गई। आग से करीब 10 लाख रुपये की फसल और ढाई-तीन लाख रुपये का हार्वेस्टर मशीन में नुकसान आंका गया है। आग बुझाने के दौरान राजा सिंह, जग्गा सिंह, उत्तम यादव, सीमा, सुनीता, शारू खान आदि लोग झुलस गए। अग्निकांड में किशन सिंह यादव, गोविंद सिंह यादव, वीर सिंह यादव, राजेश यादव, रामबाबू यादव, नत्थू यादव, महीपति यादव, बाबूलाल यादव, भवानी यादव, श्रीनाम पाल, धीरज पाल आदि के खेतों की फसल राख होकर मिट्टी में मिल गई।
किसी ने नहीं ली सुध
आग से लाखों रुपये की फसल राख होने से तबाह किसानों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति खासा आक्रोश दिखा। ग्रामीणों का आरोप है कि न तो प्रशासन का कोई सक्षम अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही कोई जनप्रतिनिधि। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई जनप्रतिनिधियों को आग से हुई तबाही से अवगत कराया मगर कोई भी सहानुभूति जताने भी गांव नहीं पहुंचा। क्षेत्रीय निवासी प्रशांत बरगढ़ समेत तमाम ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।