झांसी। बृहस्पतिवार को एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया की टीम ने हवाई अड्डे के लिए प्रस्तावित भूमि का सर्वे किया। जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित भूमि में आंशिक संशोधन करते हुए टीम ने शिवपुरी - ललितपुर बाईपास के समानांतर हवाई अड्डा बनाने पर सहमति जता दी। जिला प्रशासन से जमीन की उपलब्धता का ब्योरा तलब किया गया है।
एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के ज्वाइंट जनरल मैनेजर (एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट) बीके मिश्रा, ज्वाइंट जनरल मैनेजर (आर्किटेक्चर) देवाशीष खान तथा उप महाप्रबंधक (प्लानिंग) मनमोहन सिंह बृहस्पतिवार की सुबह झांसी पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ के साथ हवाई अड्डे को लेकर मंत्रणा की। इस दौरान ग्वालियर रोड स्थित सेना के एयर स्ट्रिप के विस्तारीकरण की बात भी उठी, लेकिन जगह कम होने की वजह से यह मसला यहीं ठंडा हो गया। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा सदर तहसील के ग्राम रुंद बलौरा व सफा में प्रस्तावित की गई 190 एकड़ भूमि पर हवाई अड्डे की स्थापना पर विस्तार से चर्चा हुई। उपलब्ध नक्शे में संभावनाएं नजर आने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम केंद्रीय मंत्री के साथ मौके पर पहुंची। यहां प्रस्तावित भूमि के नजदीक फ्लाई ओवर व रेलवे ट्रैक होने की वजह से टीम ने हवाई अड्डा निर्माण में असहमति जताई। इसके बाद टीम ने प्रस्तावित भूमि के नजदीक सर्वे किया।
शिवपुरी - ललितपुर बाईपास के समानांतर पड़ी जमीन हवाई अड्डे के लिए उपयुक्त पाई गई, जिस पर टीम ने सहमति जता दी। इस मौके पर एसडीएम सदर भगवान शरण, तहसीलदार सदर राजेंद्र बहादुर भी टीम के साथ रहे।
दो साल में उड़ान भरेगा विमान
झांसी। सर्वे करने के बाद जमीन की तरफ से संतुष्ट नजर आए एयरपोर्र्ट अथॉरिटी के ज्वाइंट जनरल मैनेजर (एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट) बीके मिश्रा व ज्वाइंट जनरल मैनेजर (आर्किटेक्चर) देवाशीष खान मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि जमीन मिलने के बाद दो साल के अंदर हवाई अड्डा तैयार हो जाएगा।
225 एकड़ में बनेगा एयरपोर्ट
झांसी। एयरपोर्ट के निर्माण में सवा दो सौ एकड़ भूमि का उपयोग किया जाएगा। रनवे तीन किलोमीटर लंबा तथा न्यूनतम 500 मीटर चौड़ा होगा। इस पर एटीआर 42 (40 यात्री क्षमता) व एटीआर 72 (65 यात्री क्षमता) श्रेणी के विमान ही उड़ान भर पाएंगे।
क्षेत्र का होगा औद्योगिक विकास
झांसी। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने कहा कि झांसी में एयरपोर्ट की स्थापना हो जाने से समूचे बुंदेलखंड क्षेत्र का तेजी से औद्योगिक विकास होगा। एयर कनेक्टिविटी न होने की वजह से देश के बड़े औद्योगिक घराने यहां उद्यम स्थापित करने में अभी रुचि नहीं दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि जमीन राज्य सरकार को उपलब्ध करानी है। जमीन मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
आरोपों के घेरे में लेखपाल
झांसी। एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम के साथ प्रस्तावित भूमि का सर्वे करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन से वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने क्षेत्र के संबंधित लेखपाल पर तमाम आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन द्वारा प्रस्तावित की गई भूमि में लेखपाल के चहेतों की भी जमीन है। वह अपनी जमीन बचाने के लिए अधिकारियों को गुमराह कर रहा है। जबकि, संबंधित जमीन बंजर है और हवाई अड्डे के लिए उपयुक्त है।