झांसी। पूरे देश में जहां दिल्ली गैंग रेप को लेकर उबाल है और लोग सड़कों पर हैं , वहीं झांसी में भी एक मामले की चिंगारी अभी राख के ढेर में दबी पड़ी है। फर्क इतना है कि देश की राजधानी का मामला सामूहिक बलात्कार का है तो झांसी का मामला अपनों के ही शोषण का है। एक ओर एक महा विद्यालय की छात्राओं द्वारा अपने ही महाविद्यालय के प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी के खिलाफ छात्राओं के उत्पीड़न के आरोप लगाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ कालेज प्रशासन द्वारा छात्राओं पर कालेज का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया जा रहा है। छात्राओं की ओर से शिकायतों का दौर पिछले एक माह से चल रहा है और पिछले दिनों प्रशासन व पुलिस के संज्ञान में भी आ गया है, लेकिन नतीजा अभी जांच प्रक्रिया में ही चल रहा है। कौन सा पक्ष सही है और कौन सा गलत, यह तो जांच पूरी होने बाद ही पता चल सकेगा लेकिन देखना यह है कि महिला उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ी यह जांच प्रक्रिया क ब पूरी होती है।
मामला वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई राजकीय कन्या महाविद्यालय का है जहां छात्र संघ की एक पदाधिकारी व इसकी कुछ साथी छात्राओं और कालेज प्रशासन के बीच खुली जंग छिड़ी हुई है। छात्रा संघ की पदाधिकारी व कुछ अन्य छात्राएं पिछले एक माह से कालेज प्रशासन के एक पुरुष अधिकारी के शारीरिक व मानसिक शोषण के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। कालेज के उच्चाधिकारियों के साथ पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों तक को ज्ञापन दे चुकी हैं। छात्राएं अपनी गुहार 24 दिसंबर को जिलाधिकारी के दरबार में भी लगा चुकी हैं। आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी की छात्राओं पर न सिर्फ गलत नजर रहती है बल्कि गलत हरकतें भी करते हैं। इसकी वजह से कालेज की छात्राएं भयभीत हैं। यदि कोई छात्रा विरोध करती है, तो अनुशासन समिति की एक अधिकारी उसे सबक सिखाने के लिए दंडित करती हैं।
इसके विपरीत 26 दिसंबर को अनुशासन समिति की अधिकारी द्वारा एसएसपी से की गई शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि छात्रा संघ की कई पदाधिकारी और तीन छात्राओं ने कालेज का माहौल बिगाड़ रखा है। उक्त छात्राओं ने उनके ऊपर अटैक करने की प्लानिंग बनाई है। इसलिए उसकी जानमाल की सुरक्षा के लिए उसे सिक्योरिटी प्रदान की जाए। यदि उसके साथ अनहोनी होती है, तो उसके लिए आरोपी छात्राएं दोषी होंगी।
मामला मेरे संज्ञान में है। जांच एसीएम रीना निरंजन से कराई जा रही है। रिपोर्ट मिल चुकी है लेकिन अभी परीक्षण कराया जा रहा है।
गौरव दयाल , जिलाधिकारी
सीओ क्राइम अविनाश गौतम ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को पुलिस टीम महाविद्यालय गई थी मगर वहां कोई नहीं मिला।
डा.के. एजिलरसन , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक