झांसी। फिल्म निर्माता निर्देशक महेश भट्ट ने कहा कि हर दौर में लोगों को फिल्मों से शिकायत रही है, लेकिन फिल्मों में हमेशा वही दिखाया गया, जो उस दौर की सच्चाई रही है। आज की फिल्में भी वर्तमान दौर की हकीकत को दर्शकों के सामने ला रही हैं, फिर इसमें बुरा क्या है? वह झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में वीरांगना की प्रतिमा के समक्ष दीपदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने झांसी आए महेश भट्ट ने रेलवे स्टेशन पर पहले राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त, उपन्यास सम्राट डा. वृंदावन लाल वर्मा व महावीर प्रसाद द्विवेदी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह सायं सात बजे रानी लक्ष्मीबाई पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई को पुष्पांजलि अर्पित की व दीपदान किया। इस मौके पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए महेश भट्ट ने कहा कि इतिहास कहीं न कहीं, किसी न किसी रूप में सामने आता है। जो घटता है, वही फिल्मों में दिखाया जाता है। हर वर्ग के दर्शक बढ़े हैं। इसी का नतीजा है कि फिल्मों व टेलीविजन में मनोरंजन का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह रानी की धरती पर आकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान उनके साथ संजय कंचन, अंचल अड़जरिया, रवींद्र भान कंचन, शील कुमार कोपरा, बंटी निगम, मोहित कंचन, बृजेश शर्मा, रोहित कंचन, सर्वेश सक्सेना, दीपक खरे, संतोष, जीतू साहू आदि मौजूद रहे।
इससे पहले महेश भट्ट शुक्रवार को वायुयान से ग्वालियर पहुंचे। ग्वालियर से वह केरला एक्सप्रेस से झांसी आए। रेलवे स्टेशन पर उनका नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। रानी लक्ष्मीबाई पार्क में दीपदान करने के उपरांत उन्होंने यहां एक होटल में आयोजित समारोह में भाग लिया। इसके बाद वह रात्रि विश्राम के लिए ओरछा निकल गए।