झांसी। एक बार फिर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट आगे खिसक गया है। कार्यदायी संस्था ने अबकी बार दिसंबर तक का समय ले लिया है। हालांकि, संस्था की कार्यप्रणाली से लगता नहीं कि तय तिथि पर योजना शुरू हो सकेगी।
महानगर में प्रतिदिन निकलने वाले करीब दो सौ टन कचरा के प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम लागू की। 12.16 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना के लिए 80 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 10 -10 फीसदी राशि राज्य सरकार व नगर निगम को खर्च करनी है। केंद्र ने अपने हिस्से के दस करोड़ रुपये दे दिए हैं। बाकी राशि भी नगर निगम के पास उपलब्ध है। लेकिन, कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को योजना पूरी करने के लिए जो समय (वर्ष 2010-11) दिया गया था, उसमें कार्य पूरा नहीं हो सका। तब से लेकर अब तक संस्था कई बार समय आगे बढ़वा चुकी है, लेकिन बिजौली में बनाया जा रहा प्लांट पूरा नहीं हो सका। शासन नेे पिछली बार सितंबर तक की मोहलत दी थी। साथ ही कार्य में विलंब होने पर पांच लाख रुपये प्रति सप्ताह का जुर्माना का भी प्रावधान किया था, लेकिन इससे भी कोई फायदा नहीं हुआ। अपर नगर आयुक्त आर सी श्रीवास्तव के अनुसार संस्था ने अब दिसंबर के अंत तक प्लांट पूरा करने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि प्लांट शुरू करने के 45 दिन पूर्व डोर टू डोर कचरा उठाकर उसे प्लांट का पहुंचाने का काम शुरू करने का प्रावधान है। लेकिन, लगता नहीं कि इस पर अमल हो सकेगा।