बिजली की खपत बढ़ी, प्लांट की तीनों इकाइयों से उत्पादन शुरू
ललितपुर। गर्मियों में बिजली की डिमांड बढ़ने के साथ ही ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी से बिजली की तीनों इकाइयों से उत्पादन शुरू हो गया है। पिछले कुछ समय से उत्पादन बंद चल रहा था। यूपीएसएलडीसी से प्राप्त डिमांड के अनुसार उत्पादन शुरू किया गया है। जिला में भी सामान्य दिनों के सापेक्ष लगभग डेढ़ गुना बिजली खपत बढ़ी है, जो अप्रैल में लगभग 40 मिलियन यूनिट रहीं, जबकि शहर में यह खपत छह मिलियन यूनिट से बढ़कर नौ मिलियन यूनिट तक बढ़ गई है।
ग्राम चिगलौआ स्थित ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी में 660 मेगावाट क्षमता की तीनों इकाइयों से 1980 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। पिछले कुछ दिनों से डिमांड कम होने के कारण बिजली का उत्पादन बंद चल रहा था, लेकिन, गर्मी के सीजन में यूपीएसएलडीसी द्वारा बिजली डिमांड बढ़ा दिए जाने के कारण अब फिर से तीनों इकाइयों से उत्पादन शुरू हो गया है। इससे प्रदेश को बिजली आपूर्ति की जा रही है।
जिला में लगभग पांच मिलियन यूनिट बिजली की डिमांड गर्मियों के दिनों में बढ़ गई है। इसके चलते पूरे जिले में अप्रैल में लगभग 35 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई। जबकि, सामान्य दिनों में यह खपत लगभग 30 यूनिट तक रहती है। यदि पूरे जिला में उपखंडवार आंकलन किया जाए तो शहरी क्षेत्र में सामान्य दिनों में जहां छह मिलियन यूनिट बिजली खपत हो रही थी, अप्रैल से बढ़कर नौ मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। जबकि, खंडीय कार्यालय द्वितीय के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में खपत 19 मिलियन यूनिट रही है। इसी प्रकार जखौरा, बांसी व तालबेहट में भी लगभग छह मिलियन यूनिट बिजली की खपत अप्रैल में रही है। मई और जून में यह खपत दो से तीन मिलियन यूनिट और बढ़नेे की संभावना है। ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी से एक बार फिर से पूर्ण क्षमता के साथ बिजली उत्पादन शुरू हो जाने के कारण बिजली की किल्लत नहीं रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में चौबीस घंटे आपूर्ति का रोस्टर
पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 18 से 20 घंटे तक बिजली देने का रोस्टर जारी था, लेकिन अब 24 अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों में चौबीस घंटे बिजली देने का रोस्टर जारी कर दिया गया है। इससे भी जिले में बिजली की खपत बढ़ गई है। मई में यह खपत लगभग 40 मिलियन यूनिट रहने की संभावना है।
वर्तमान में ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी से बिजली मिल रही है। ललितपुर में 70 से 80 मेगावाट व झांसी में लगभग 130 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। पनकी कंट्रोल के आदेश पर बिजली मुहैया कराई जा रही है।
- विनोद जायसवाल, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन।