पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक और कर्मचारियों ने सोमवार को शिक्षा भवन में गिरफ्तारियां दीं। धरना प्रदर्शन किया और एकजुट होने का आह्वान किया। नारेबाजी के बीच वक्ताओं ने कहा कि वह हर हाल में पुरानी पेंशन नीति बहाल कराकर रहेंगे।
शिक्षा भवन परिसर में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के तत्वावधान में कर्मचारियों व शिक्षकों ने प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2004 से कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है। इससे उनमें आक्रोश है। प्रदर्शन अवसर पर आंदोलन कारियों ने पुरानी पेंशन नीति वापस लाओ के नारे लगाये। सभी को बाद में रिहा कर दिया गया।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा परिषद वेतन भोगी सहकारी समिति के अध्यक्ष संजीव तिवारी, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित, संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी, हरप्रीत सिंह, ऋषभ जैन, सोहन सिंह यादव, मनोज श्रीवास्तव, एके तिवारी, शशि कनौजिया, मनीष सिंह, आरआर शर्मा, मोनिका चौधरी, रानी चौरसिया, अब्दुल नोमान आदि मौजूद रहे।
वहीं, कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आयकर विभाग कार्यालय के समीप चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। इसमें यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्मानंद तिवारी, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय यादव, संयोजक अखिलेश कुमार मिश्रा आदि ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सभी एकजुट हैं। बुढ़ापे में यह पेंशन काफी उपयोगी होती है। इस अवसर पर चतुर्थ श्रेणी महासंघ के जिला मंत्री अब्दुल रहीश सिद्दीकी, इं. सुधीर कौशिक, इं. बिदा प्रसाद, भगवान दास कुशवाहा, प्रसून तिवारी आदि मौजूद रहे।