झांसी। इंटरनेशनल क्रॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईसीआरआईएसएटी) हैदराबाद के सहयोग से कार्यदायी संस्था लक्ष्य सेवा समिति द्वारा बबीना ब्लॉक के अमरपुर, इमलिया व राजापुर ग्राम में किसानों की आय दोगुनी करने को संचालित परियोजना का कृषि विभाग के अफसरों ने निरीक्षण किया। इस दौरान खेत समतल कर सिंचाई का पानी बचाने समेत अन्य कार्यों को अफसरों ने देखा और प्रगति पर संतोष जताया।
दो साल से चल रहे प्रयास के बाद आईसीआरआईएसएटी ने इन गांवों की मिट्टी की टेस्टिंग की थी। इसमें पाया था कि बबीना में जमीन समतल न होने के कारण 25 प्रतिशत पानी ज्यादा खर्च होता है तथा बीज भी एक एकड़ में एक क्विंटल लगता है। इसके बाद तीनों गांवों के 15 किसानों के यहां 19 एकड़ जमीन पर लेजर लेवलिंग मशीन से खेतों का समतलीकरण कराया गया। इसका फायदा यह हुआ कि जो पानी खेतों में सिंचाई को लगाया गया, वह पूरे खेत में पर्याप्त हो गया।
मिट्टी के परीक्षण के अनुसार ही खेतों में जिंक फास्फेट, बोरान, सोडियम, यूरिया और डीएपी डलवाई गई और किसानों को गेहूं, चना, मटर, मसूर, लाही का बीज दिया गया। जीरो ड्रिल मशीन से बुवाई कराई गई, जिससे 60 प्रतिशत तक बीज की बचत हुई। खेतों की मेड़ पर फलदार पौधे लगाए गए।
कार्यों का मूल्यांकन करने के लिए कृषि विभाग के निदेशक सोराज सिंह, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार के. राजू, एडीए आरएस जायसवाल, विषय विशेषज्ञ एके श्रीवास्तव, एडीए रामरतन राजपूत, बुंदेलखंड के सातों जिलों के संयुक्त कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, आईसीआरआईएसएटी के डायरेक्टर डॉ. श्रीनाथ दीक्षित व वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम मौजूद रही। संयुक्त कृषि निदेशक उमेश चंद्र कटियार ने किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। आभार लक्ष्य सेवा समिति के सचिव प्रह्लाद सूरोठिया ने व्यक्त किया।