पुलिस पर फायरिंग करने वालों को सजा
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम शकील अहमद खां की अदालत ने पुलिस पर फायरिंग करने के आरोपियों को दो साल आठ माह की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि 13 मार्च 2008 को थानाध्यक्ष सीपरी बाजार पुलिस बल सहित चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच प्रेमगंज व मसीहागंज की तरफ से एक तिपहिया वाहन तेज गति से आता नजर आया। रोकने पर चालक तिपहिया वाहन खड़ा कर भागने लगा। पीछा करने पर उनके एक साथी ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन को धर दबोचा, जबकि एक साथी भागने में सफल रहा। पूछताछ में तीनों ने अपने नाम अप्पू उर्फ नफीस, बब्लू उर्फ रहमत और तीसरे ने शहीद बताया। तलाशी के दौरान तीनों के पास से चरस, तमंचा, कारतूस व तिपहिया वाहन में रखीं तीन बोरियों में अय्यप्पा मंदिर से चोरी किए गए बर्तन, घंटे आदि पूजा का सामान भी बरामद किया था।
पूछताछ के दौरान फरार साथी का नाम हारून राजा निवासी दीनदयाल नगर झांसी बताया था। उन्होंने यह भी बताया कि हारून ने ही पुलिस पर गोली चलाने को कहा था। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जहां अभियुक्त हारून राजा को धारा 307, 411, 380 में दो वर्ष आठ माह की सजा और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।