झांसी। जलसंस्थान हाथ में बजट होने के बाद भी दतिया गेट फिल्टर पर 12 साल से बंद चल रहे जल शोधन प्लांट को चालू नहीं करा सका है। इस काम के लिए नगर निगम ने 90 लाख रुपये दिए हैं। इस प्लांट को चालू कराने के लिए पिछले एक साल से काम चल रहा है। प्लांट के शुरू होने पर 50 हजार लोगों को पेयजल सुविधा मिलने लगेगी। उम्मीद थी इस गर्मी में इस प्लांट का लाभ लोगों को मिलने लगेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
दतिया गेट फिल्टर प्लांट पर पहूज बांध से आने वाले कच्चे पानी का जल शोधन करने के लिए दो प्लांट बने हुए हैं। इनमें से एक 6.5 एमएलडी (65 लाख लीटर पानी) क्षमता का प्लांट चालू है, जबकि 5.4 एमएलडी (54 लाख लीटर पानी) का प्लांट 12 साल से बंद चल रहा है। इस प्लांट तक पानी लाने के लिए पहूज बांध से फिल्टर तक नौ किलोमीटर लंबी 12 इंच की पाइप लाइन डली हुई है।
पिछले साल नगर निगम के सहयोग से जलसंस्थान ने बंद पड़ी इस पाइप लाइन को चालू करने का प्रयास किया था, लेकिन जगह-जगह लीकेज निकलने से सफलता नहीं मिल सकी थी। अब इस पूरी क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को बदला जाना है। पहूज बांध से अयोध्यापुरी चौराहे तक 5.5 किलोमीटर पाइप लाइन बदलने के लिए नगर निगम ने 90 लाख रुपये एक साल पहले दिए थे। इसके लिए टेंडर हो चुका। मगर, यह काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस प्लांट के चालू न हो जाने से संबंधित क्षेत्रों को और अधिक पानी नहीं मिल पा रहा। साथ ही, अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
ये क्षेत्र जुड़े हैं
दतिया गेट वाटर फिल्टर प्लांट से पंचवटी और नरसिंहराव टौरिया पानी की टंकी को भरा जाता है। प्लांट से अंदर व बाहर दतिया गेट, थापक बाग, मेवातीपुरा, अंदर व बाहर उन्नाव गेट, पंचवटी, मुकरयाना, सराय और आसपास के मुहल्लों को जलापूर्ति मिलती है।
आचार संहिता के कारण काम थम गया था। साइड पर नए पाइप पहुंच गए हैं। जमीन के नीचे से अंडर ग्राउंड बिजली के तार निकले हैं। इसलिए खुदाई में वक्त लग रहा है। एक महीने में इस प्लांट को चालू कर लिया जाएगा।
अनिल कुमार, सहायक अभियंता, जलसंस्थान।