युवाओं ने की चुनावी तंत्र को आईटी से जोड़ने की वकालत
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार संस्थान में युवाओं ने सौ प्रतिशत मतदान के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी यानी आईटी की नवीनतम तकनीकी की सहायता लेने की मांग भी बुलंद की। इसके साथ ही युवाओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिये मतदान के महत्व को रेखांकित किया।
युवा संवाद में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफार्म एवं यूपी इलेक्शन वॉच के समन्वयक अनिल शर्मा ने युवाओं को वर्तमान चुनावी परिदृश्य और पिछले पांच सालों में हुए सुधारों का विस्तार से ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश के हालात में परिवर्तन लाने में सक्षम हैं। युवाओं को उसी उम्मीदवार को सांसद चुनना चाहिए जिसका चरित्र बेदाग हो। उसे यह विचार करना होगा कि देश की संसद में ऐसा व्यक्ति पहुंचे जिसे बहुसंख्य लोगों के हितों की चिंता हो। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि आप मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। दूसरे लोगों को भी मतदान करने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में निर्वाचन आयोग से शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए आईटी की नवीनतम तकनीकी की सहायता लेने पर सभी छात्र-छात्राओं ने सहमति जताई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी ने देश के राजनीतिक क्षेत्र में नैतिक मूल्यों की गिरावट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थितियों को देखते हुए कहा जा सकता है कि संसदीय लोकतंत्र की प्रणाली लाचार और बेबस साबित हो रही है। वहीं, अध्यक्षता कर रहे जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान के पूर्व प्रमुख डॉ. सीपी पैन्यूली ने कहा कि आज लोकतंत्र के समक्ष गंभीर प्रश्न खड़े हैं। इन प्रश्नों का उत्तर समाज के सभी वर्गों एवं युवाओं को आपस में मिलकर खोजना होगा। उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में समय के साथ आए मूल्य विचलन का सवाल भी उठाया।
बाद में एनएसएस की पांचवी और छठीं इकाइयों के सदस्यों ने मतदान का महत्व रेखांकित करने वाला एक नुक्कड़ नाटक पेश किया। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मतदान को लेकर एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया। इस अभियान के शुभारंभ के मौके पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. देवेश निगम और सभी शिक्षक उपस्थित रहे। इस मौके पर संस्थान के समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी, सतीश साहनी, डॉ. उमेश कुमार, जय सिंह, अभिषेक कुमार, राघवेंद्र दीक्षित, ललित कला संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पांडेय, जन सूचना अधिकार मंच के प्रमुख मुदित चिरवारिया मौजूद रहे।