एक अप्रैल से चलेगी इंटरसिटी और ताज एक्सप्रेस
झांसी।
कोहरे के मद्देनजर 15 दिसंबर से निरस्त चल रही ट्रेनों का संचालन एक अप्रैल से चालू हो जाएगा। इनमें झांसी से लखनऊ के बीच चलने वाली इंटरसिटी और नई दिल्ली से झांसी के मध्य चलने वाली ताज एक्सप्रेस भी शामिल हैं। इन दोनों ट्रेनों से ही बुंदेलखंड के सबसे अधिक यात्री सफर करते हैं।
ऐसा पहली बार हुआ है कि कोहरे के मद्देनजर ट्रेनों को 105 दिनों के लिए निरस्त किया गया है। इनमें झांसी से लखनऊ के बीच चलने वाली 11109/ 11110 इंटरसिटी, झांसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली 12279/ 12280 ताज एक्सप्रेस झांसी और ग्वालियर के मध्य, झांसी से कोलकाता के बीच चलने वाली साप्ताहिक 11105/ 11106 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, 14309/ 14310 उज्जैन से देहरादून के बीच चलने वाली उज्जैन देहरादून एक्सप्रेस निरस्त चल रही हैं। इसी तरह प्रतिदिन चलने वाली 12192 श्रीधाम एक्सप्रेस बुधवार और 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को रद चल रही है। ग्वालियर बरौनी के बीच प्रतिदिन चलने वाली 11124 छपरा मेल सोमवार व बृहस्पतिवार और 11123 बरौनी ग्वालियर छपरा मेल मंगलवार व शुक्रवार को निरस्त चल रही हैं। साथ ही झांसी - बीना पैसेंजर व झांसी लखनऊ पैसेंजर भी निरस्त चल रही हैं। झांसी खजुराहो पैसेंजर का संचालन झांसी से ललितपुर के बीच रद चल रहा है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उक्त सभी ट्रेनें एक अप्रैल अपने निर्धारित वक्त पर चलने लगेंगी।
यह ट्रेनें हैं महत्वपूर्ण
सुबह 6.15 बजे झांसी से लखनऊ के लिए इंटरसिटी चलती है। इस ट्रेन को रास्ते में चिरगांव, मोंठ, एट, उरई, कालपी, पुखरायां, गोविंदपुरी, कानपुर सेंट्रल और उन्नाव जंक्शन पर ठहराव दिया गया है। यह ट्रेन 293 किलोमीटर की दूरी तय करके दोपहर 12.05 लखनऊ सेंट्रल स्टेशन पहुंचती है। वापसी में यह गाड़ी लखनऊ से शाम 4.40 बजे चलकर झांसी रात 10.30 बजे आती है। इसी तरह, दोपहर 3.20 बजे झांसी से नई दिल्ली के लिए ताज एक्सप्रेस का संचालन होता है। यह ट्रेन 410 किलोमीटर की दूरी तय करके रात 10.25 बजे नई दिल्ली पहुंचती है। नई दिल्ली से यह ट्रेन सुबह 6.45 बजे चलकर दोपहर 2.10 बजे झांसी आती है। इस ट्रेन को रास्ते में दतिया, डबरा, ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा, राजा की मंडी, मथुरा, फरीदाबाद और निजामुद्दीन स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। बुंदेलखंड के गरीब और माध्यम वर्र्ग के यात्रियों के लिए यह दोनों ट्रेनें बेहद सुविधाजनक मानी जाती हैं। इन ट्रेनों में अंतिम वक्त तक आरक्षण मिल जाता है।
30 दिन पहले मिलता है आरक्षण
सुपरफास्ट और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा के 120 दिन पहले तक आरक्षण मिलने लगता है। जबकि ताज एक्सप्रेस और इंटरसिटी में चेयरकार की व्यवस्था होने से 30 दिन पहले ही आरक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इससे इन ट्रेनों में चार महीने पहले से आरक्षण कराने की परेशानी नहीं रहती।