इस बार 200 मेधावी छात्राओं को मिलेगा लैपटॉप
सब हेड... तकनीकी विश्वविद्यालय की ओर से दिए जाएंगे
- सभी वर्गों की बालिकाओं को होगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय की ओर से इस बार इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई) में सफल होने वाली श्रेष्ठ 200 छात्राओं को लैपटॉप दिए जाएंगे। सभी वर्गों की बालिकाओं को इसका लाभ मिलेगा।
बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईईटी) में आए एकेटीयू के उप कुलसचिव (टेक्निकल यूनिट) डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पिछले साल प्रवेश परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालीं 100 छात्राओं को लैपटॉप दिए गए थे, परंतु इस बार ये संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इनमें से 100 लैपटॉप अनुसूचित जाति और बाकी के 100 लैपटॉप अन्य वर्गों की छात्राओं को दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ये व्यवस्था भारत सरकार की ‘पढ़ें बेटियां-बढे़ं बेटियां’ मुहिम के तहत की गई है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित करना है। इस मौके पर बीआईईटी निदेशक वीके त्यागी और एकेटीयू के दिनेश पाठक मौजूद रहे।
बाहरी छात्रों को बीस फीसदी आरक्षण
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय से उत्तर प्रदेश के 593 इंजीनियरिंग कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें से सिर्फ 16 सरकारी और बाकी सभी गैर सरकारी कॉलेज हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय की ओर से पहली बाहर अन्य प्रदेशों के विद्यार्थियों के लिए 20 फीसदी सीटें आरक्षित की गईं हैं। विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव ने बताया कि इसका लाभ खासतौर पर एनसीआर, बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों से सटे अन्य प्रदेशों के विद्यार्थियों को मिलेगा। क्योंकि, इन इलाकों से अन्य राज्यों की सीमाएं सटी हुई हैं।
अब सिर्फ ऑफलाइन ही होगी परीक्षा
इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए तकनीकी विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 23 जनवरी से ऑनलाइन फार्म भरे जा रहे हैं, जो 15 मार्च तक भरे जा सकेंगे। जबकि, प्रवेश परीक्षा 21 अप्रैल को होगी। मई के अंतिम सप्ताह में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 17 जुलाई से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। इस बार सिर्फ ऑफलाइन ही टेस्ट होगा, जबकि पूर्व के वर्षों में ऑनलाइन का ही विकल्प दिया जाता था। एकेटीयू के उप कुलसचिव ने बताया कि ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा देने में असहज हो जाते हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए केवल ऑफलाइन परीक्षा का ही विकल्प रखा गया है।