झांसी। वाहन पार्किंग की समस्या से जूझ रहे महानगर को राहत दिलाने के लिए विवाह घरों, होटल, मॉल, शोरूम, एजेंसी का सर्वे किया जाएगा। सभी प्रतिष्ठानों के बाहर वाहन पार्किंग है या नहीं, यदि है तो उसका उपयोग कर रहे हैं या नहीं, प्रतिष्ठान का जेडीए से नक्शा पास है या नहीं, कचरा निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। जांच के लिए नगर निगम ने टीमें गठित कर दी हैं।
विवाह घरों में पार्किंग स्थल के नाम पर सड़क का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल रास्ता जाम हो जाता है, बल्कि कई बार जाम में गंभीर मरीजों की एंबुलेंस फंस जाती है, जिससे मरीजों की जान का खतरा बना रहता है।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विवाह घर संचालकों और होटल संचालकों की बैठक बुलाकर साफ कर दिया था कि बिना पार्किंग स्थल के विवाह घर नहीं चल पाएंगे। मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव ने डीएम को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा था कि किन-किन मॉल का नक्शा पास है और विवाह घरों में पार्किंग है या नहीं।
इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीमें गठित कर दी गई हैं। आठ अलग-अलग टीमों में कर अधीक्षक और राजस्व कर्मी शामिल किए गए हैं।
सभी प्रतिष्ठानों में मानक के अनुरूप पार्किंग, वर्मी कंपोस्ट पिट, कचरा निस्तारण, फायर सेफ्टी, मानचित्र स्वीकृत है या नहीं, नक्शा के अनुसार निर्माण किया है या नहीं, बिजली का कनेक्शन मानक के अनुसार है या नहीं, सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात हैं या नहीं, इन सभी की रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है। नगर आयुक्त के माध्यम से रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी।
अमर उजाला ने उठाई थी पार्किंग समस्या
विवाह घरों में पार्किंग न होना, बिना मानक के विवाह घर संचालित करना और बार-बार जाम लगने की समस्या को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था। इसे संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त ने डीएम को निर्देश दिए थे। इसी क्रम में डीएम और एसएसपी ने नगर आयुक्त के सहयोग से विवाह घर संचालकों की बैठक बुलाई थी। अब इसी कड़ी में टीमें गठित कर जांच की जाएगी।