फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिविक एमीनिटीज- नगर निगम चुनाव को लेकर पार्टियों की तैयारियां-City

विज्ञापन
विज्ञापन
सिविक एमीनिटीज
विज्ञापन

-------------
निकाय चुनाव का लोगो
---------------------

रणनीति बनाने में जुटे सियासी दल, दावेदार भर रहे दम
कोई कर रहा शक्ति प्रदर्शन की तैयारी तो किसी की आरक्षण पर नजर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महापौर और पार्षदों की सीटों पर आरक्षण अभी तय नहीं हुआ, लेकिन राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कोई शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है तो जनसंपर्क में जुटा है। होर्डिंग और पोस्टर के जरिए दावेदार अपना माहौल बनाने में जुटे हैं। टिकट के लिए सभी प्रमुख दलों ने आवेदन मांगने शुरू कर दिए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मारामारी भाजपा में है।

बसपा का युवाओं पर फोकस
बहुजन समाज पार्टी निकाय चुनाव में युवा चेहरों को चुनाव मैदान में उतारेगी। इसी के मद्देनजर जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और जोन इंचार्ज की जिम्मेदारी पार्टी ने युवाओं को सौंप दी है। बसपा के संस्थापक कांशीराम की 11वीं पुण्यतिथि 9 अक्तूबर को मंडल स्तरीय विचार गोष्ठी होगी। इस दौरान दावेदार नेताओं के सामने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन

कांग्रेस लेगी फीडबैक
कांग्रेस पार्टी में आरक्षण फाइनल होने का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, पार्षद पद के दावेदार टिकट के लिए आवेदन कर चुके हैं। किसी वार्ड से तीन, तो किसी से चार दावेदारों के आवेदन आ गए हैं। पार्टी ने रणनीति बनाई है कि अबकी बार टिकट फाइनल करने से पहले वार्डों से संबंधित दावेदार का फीडबैक लिया जाएगा। यदि जनता के बीच दावेदार की छवि अच्छी होगी, तो उसको टिकट मिलना तय है।
भाजपा में मारामारी
अगर बात करें भारतीय जनता पार्टी की, तो इसके चुनाव चिह्न पर पार्षद पद का टिकट पाने के लिए कार्यकर्ताओं मेें सर्वाधिक लड़ाई है। पार्टी ने सभी साठ वार्डों में प्रभारी बना दिए हैं। अब एक कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें वार्ड प्रभारी, वार्ड अध्यक्ष और पांच सक्रिय सदस्य होंगे। यह कमेटी पार्षद पद के दस से अधिक दावेदार होने पर उसमें से छंटनी करके दस नामों में से कोई तीन नामों की सिफारिश करेगी। सक्रिय पार्षदों के टिकट काटे नहीं जाएंगे।
सपा का आक्रामक रुख
समाजवादी पार्टी में चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों की कतार बहुत लंबी है। पार्टी का मानना है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बने छह महीने का समय हो गया है, लेकिन अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया जा सका है, जिससे जनता के बीच पार्टी की छवि बने। जनता की नाराजगी कैश कराने के लिए पार्टी तैयार है और आक्रामक रणनीति बनाकर पार्टी चुनाव मैदान में उतरेगी। हालांकि, पार्टी ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं और आरक्षण फाइनल होने का इंतजार किया जा रहा है।

कोट ---
---------

जिताऊ कार्यकर्ताओं को देंगे टिकट
कांग्रेस पार्टी में पार्षद टिकट के दावेदारों की भीड़ जुट रही है। आवेदन भी लिए जा रहे हैं। किसी वार्ड से तीन, तो किसी से चार दावेदारों ने टिकट मांगा है। अभी सीटों पर आरक्षण फाइनल नहीं हुआ है, इसलिए इंतजार किया जा रहा है। जिताऊ कार्यकर्ताओं को ही टिकट दिया जाएगा और महापौर सीट पर कांग्रेस वापसी करेगी।
- इम्तियाज हुसैन, शहर अध्यक्ष, कांग्रेस।


प्रभारी तय करेंगे प्रत्याशियों के नाम
भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी पार्षद पद के प्रत्याशियों के नाम फाइनल करेंगे। पार्षद पद के लिए दस नामों में से तीन नाम फाइनल होंगे। इसमें अंतिम मुहर प्रभारी लगाएंगे। टिकट वितरण में अनुशासनहीनता को कोई जगह नहीं है।
- मुकेश मिश्रा, महानगर उपाध्यक्ष, भाजपा।

75 दावेदारों ने मांगे टिकट
समाजवादी पार्टी से अब तक 75 दावेदारों ने पार्षद पद के टिकट मांगे हैं। लेकिन, पार्टी आरक्षण फाइनल होने का इंतजार कर रही है। आरक्षण को लेकर अभी असमंजस है। इसलिए अभी दावेदार तय नहीं पा रहे हैं कि चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं।
विज्ञापन

- मिर्जा करामत बेग, महानगर अध्यक्ष, सपा।

आवेदनों के ढेर लगे हैं
बहुजन समाज पार्टी में महापौर और पार्षद पद के दावेदारों के आवेदनों का ढेर लग गया है। सामान्य, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के दावेदारों के अलग-अलग आवेदन आए हैं। लेकिन, आरक्षण न होने के कारण नाम फाइनल नहीं हो सका है।
- जयपाल अहिरवार, जिलाध्यक्ष, बसपा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें