अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। उद्यमी बनने के लिए जिले के 729 युवा अपने कदम बढ़ा चुके हैं। मुख्यमंत्री उद्यमी विकास अभियान के तहत जिले के दो हजार युवाओं को उद्यमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए उन्हें पांच-पांच लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाना है।
योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के युवाओं को बगैर गारंटी के पांच-पांच लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाना है, ताकि वे अपना व्यवसाय स्थापित कर सकें। खास बात यह है कि ऋण पर उन्हें चार साल तक कोई ब्याज नहीं देना होगा। सरकार की ओर से परियोजना की लागत की 10 फीसदी सब्सिडी भी दी जाएगी। जनवरी से ऑनलाइन आवेदन msme.up.gov.in पर लिए जा रहे हैं।
आवेदक के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण होना जरूरी है। इसके साथ ही न्यूनतम शैक्षिक योग्यता आठवीं कक्षा पास होना आवश्यक है। अब तक उद्योग विभाग को 729 आवेदन मिल चुके हैं और इनमें से 700 आवेदन अलग-अलग बैंकों को भेजे जा चुके हैं। बैंकों की ओर से 72 ऋण स्वीकृत भी कर दिए गए हैं। इनमें से 14 आवेदकों को ऋण दिए जा चुके हैं और वे जल्द अपना व्यवसाय शुरू करने जा रहे हैं।
अलग से तैनात किए गए जिला प्रबंधक
योजना के क्रियान्वयन के लिए अलग से जिला प्रबंधक की तैनाती की गई है। वह बैंकों द्वारा रिजेक्ट किए जाने वाले आवेदनों पर नजर रखेंगे। बैंकों को आवेदन रिजेक्ट करने का कारण स्पष्ट करना होगा। उद्योग विभाग से भेजे गए आवेदनों में से 14 बैंकों द्वारा अस्वीकृत किए जा चुके हैं।
युवा इस योजना के तहत स्वरोजगार स्थापित कर सकें, इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। राजकीय पॉलिटेक्निक और आईटीआई में कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं। यह प्रदेश के आर्थिक विकास को आगे ले जाने वाली योजना है। - मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग