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पुलिस के बीच पर्दे पर आई पदमावती-City

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पर्दे पर आई ‘पद्मावत’, सिनेमाघर में उमड़े दर्शक
- कड़ी सुरक्षा के बीच दर्शकों ने देखी फिल्म
- दोपहर व शाम के सारे शो रहे हाउसफुल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
विवादों में घिरी फिल्म पद्मावत का रिलीज होने के दो दिन बाद शहर के सिनेमाघर में लगी तो दर्शक उमड़ पड़े। पुलिस के पहरे में सुबह से लेकर शाम तक के पांचों शो हाउस फुल रहे।
देश के विभिन्न इलाकों में पद्मावत को लेकर हो रहे हंगामे, तोड़फोड़ और आगजनी से शहर के सिनेमा हॉल संचालक डरे हुए थे। पुलिस अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग भी की गई थी। 26 जनवरी की शाम संचालक ने पुलिस अधिकारियों से वार्ता की थी। जहां पर्याप्त पुलिस बल दिए जाने के बाद संचालक ने फिल्म रिलीज की। शनिवार को खिलौना सिनेमाघर में फिल्म पर्दे पर आई। शुरुआत में लग रहा था कि डर के चलते लोग फिल्म देखने नही आएंगे। मगर, दोपहर का शो टाइम आते ही भीड़ शुरू हो गई। दोपहर से शाम व रात के शो हाउसफुल रहे। पहला शो सुबह 9.30 बजे और दूसरा दोपहर 12.15 शुरू हुआ। शाम होते-होते सारे शो की सीटें हाउसफुल रहीं।
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फिल्म रिलीज होने से पहले खिलौना सिनेमाघर के बाहर प्रशिक्षु आईपीएस मोहम्मद मुश्ताक, सीओ सिटी जितेंद्र कुमार परिहार, नवाबाद थानाध्यक्ष मुश्ताक खान, महिला थानाध्यक्ष अर्चना सिंह समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। सिनेमाघर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पुलिस की निगाहें रहीं। पर्दे के पास आगे की लाइन मे पुलिसकर्मी सादा कपड़े पहनकर बैठे रहे।

पुलिस वालों ने भी देखी
शनिवार को जिन पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सिनेमाघर में लगी थी, उनमें भी फिल्म देखने की उत्सुकता थी। लिहाजा पुलिस कर्मियों ने फिल्म भी देखी और अपनी ड्यूटी भी निभाई। महिला पुलिस कर्मी भी फिल्म के प्रति उत्साहित नजर आईं।

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अब परिवार के साथ आऊंगा
फिल्म देखी अच्छी लगी। आज अकेला आया हूं, अब परिवार के साथ दोबारा फिल्म देखूंगा। कोई भी सीन आपत्तिजनक नहीं है।
डा. आफाक खान, नगरा

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कोई विवादित सीन नहीं
फिल्म में कोई विवादित सीन नहीं दिखा। विरोध करने वाले जबरन तानाशाही कर रहे हैं। फिल्म काफी अच्छी लगी। विरोध करने वाले लोग देखेंगे तो वह समझ जाएंगे।
सैय्यद इरशाद अली, नगरा

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विरोध प्रदर्शन करना गलत
फिल्म बेहतरीन है। विरोध प्रदर्शन करने वाले गलत कर रहे हैं। विरोध को लेकर लोगों में कुछ डर है। सिनेमा के बाहर पुलिस फोर्स अधिक है, शायद इससे भी दर्शक ज्यादा नहीं आ रहे है।
मानसी, रेलवे कॉलोनी

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महिला किरदार रहा मजबूत
जिस तरह से भंसाली ने पद्मावत बनाई है, वह बहुत सुंदर है। महिला किरदार वास्तव में काफी मजबूत दिखाए गए हैं। फिल्म में मुझे वास्तव में दीपिका बहुत पसंद आईं।
वंशज, कोछाभांवर

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फिल्म में महिला शक्ति का सम्मान
फिल्म को बेहतरीन ढ़ंग से फिल्माया गया है। फिल्म में कोई ऐसा ड्रीम सीन नहीं है, जिसे रणवीर और दीपिका पर फिल्माया गया हो। यह विरोध प्रदर्शन गलत है। फिल्म में महिला शक्ति का सम्मान किया है।
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आकांक्षा गुप्ता, बड़ागांव गेट बाहर

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फिल्म में राजपूत समुदाय को अच्छे ढंग से पेश किया गया है और यह शर्मनाक है कि कुछ लोग असुरक्षित और भय का माहौल बना रहे हैं। यह पूरी तरह गलत है। मुझे पुलिस पर भरोसा है।
सौरभ, नई बस्ती
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