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नए साल के जश्न पर भी कोरोना का डर, टूर के लिए 70 फीसदी वाहनों की बुकिंग कम

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झांसी। नए साल के जश्न पर भी कोरोना का डर साफ दिखाई दे रहा है। इस बार लोग बाहर के बजाय लोकल स्तर या फिर आसपास के क्षेत्रों में घूमकर नए साल को उत्सव मनाने की तैयारी में हैं। इसी का परिणाम है कि पिछले साल की तुलना में टूर के लिए 70 फीसदी वाहनों की बुकिंग कम हुई है।
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कोविड दौर में इस बार नए साल को लेकर उत्साह भी कम नजर आ रहा है। पिछले सालों तक बाहर जाने के लिए वाहनों की बुकिंग नवंबर से ही शुरू हो जाती थी। ज्यादातर बुकिंग पहाड़ी इलाकों जैसे देहरादून, नैनीताल, शिमला आदि समेत गोवा, दिल्ली के लिए भी होती थी। कई बार देर हो जाने पर बाहर जाने वाले लोगों को टूर के लिए वाहन भी नहीं मिल पाता था। मगर इस बार कोरोना के चलते स्थिति बिल्कुल उलट है। नए साल को दस्तक देने में 10-11 दिन का ही समय बचा है, इसके बावजूद 30 फीसदी वाहनों की ही बुकिंग हो सकी है। इसमें भी ज्यादातर बुकिंग क्षेत्रीय यानी माताटीला, पारीछा आदि बांधों को लेकर हुई है। वहीं, जो लोग रात विश्राम करके नए साल का उत्सव मनाना चाहते हैं, उन्होंने झांसी से थोड़ी दूर स्थित खजुराहो को प्रमुखता दी है।
ये बोले युवा
कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है। इस वजह से झांसी में ही रहकर नए साल का जश्न मनाऊंगा। बाहर नहीं जाऊंगा। आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में जरूर घूमने का विचार कर रहा हूं। - राकेश शर्मा।
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पहले बाहर जाकर नया साल मनाने की योजना थी, मगर अब नहीं है। ऐसे में नए साल पर इस बार रामराजा सरकार के दर्शन करने के लिए ओरछा जाऊंगा। नया साल अच्छा गुजरे, इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना करूंगा। - प्रकाश राव।
ट्रेवल एजेंसी संचालक बोले
इस बार कोविड के कारण लोग बाहर जाकर नए साल का जश्न मनाने से बच रहे हैं। इसी वजह से वाहनों की बुकिंग में 70 फीसदी की कमी आई है। ज्यादातर बुकिंग झांसी की है। जो लोग रात में रुककर उत्सव मनाना चाहते हैं, उन्होंने खजुराहो को प्रमुखता दी है। - हरीश हसानी, संचालक, बुंदेलखंड ट्रैवल्स।
इस बार नए साल को लेकर कार की बुकिंग न के बराबर हुई है। पिछले सालों तक तो ग्राहकों को लौटाना पड़ता था लेकिन इस बार टूर के लिए वाहनों की मांग ही बेहद कम है। इसके पीछे का कारण कोरोना वायरस है। लोग बाहर के बजाए घर पर ही रहकर जश्न मनाने के मूड में हैं। - शरीफ, वीआईपी ट्रैवल्स।
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