महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम ने शासन से 70 करोड़ रुपये और मांगे हैं। योजना एवं मूल्यांकन विभाग में स्टीमेट की जांच चल रही है। बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य पूरा होने में तीन महीने का समय और लगेगा।
मेडिकल कॉलेज में पांच सौ बेड के अस्पताल के निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 27 सितंबर 2012 को की थी। इस पर अब तक 123 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ है। कई बार निर्माण पूरा होने की मियाद बढ़ाई जा चुकी है। आखिरी समय सीमा अक्तूबर 2016 थी, लेकिन इस मियाद के खत्म होने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया।
शासन ने अस्पताल को पूर्ण वातानुकूलित और जीरो मैंटिनेंस के हिसाब से तैयार करने के नये निर्देश दे दिए हैं, जिससे पूर्व निर्धारित बजट कम पड़ गया। काम पूरा करने के लिए अब कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने शासन से 70 करोड़ रुपये और मांगे हैं। यह फाइल योजना और मूल्यांकन विभाग के पास पड़ी हुई है। विभाग स्टीमेट की जांच कर रहा है। शासन की ओर से जब बजट जारी किया जाएगा, उसके बाद वार्ड का निर्माण पूरा होने में तीन महीने और लग जाएंगे।
मेंटनेंस फ्री होंगी दीवारें
अस्पताल की दीवारें मेंटनेंस फ्री होंगी। इसके लिए दीवारों पर टाइल्स लगाए जा रहे हैं, ताकि पुताई न करानी पड़े और आसानी से सफाई हो जाए। इसके अलावा इसमें पांच अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर भी बनाए जा रहे हैं।
चुनाव से पहले नहीं हो पाया तैयार
मेडिकल कालेज में निर्माणाधीन पांच सौ बेड का अस्पताल प्रदेश सरकार की बड़ी विकास योजनाओं में शामिल है। इसे विधानसभा चुनाव से पहले शुरू करने पर सरकार का जोर था, ताकि चुनाव में इसका लाभ मिल सके। लेकिन, निर्माण की देरी की वजह से यह हसरत पूरी नहीं हो पाई है।
शासन को अस्पताल का रिवाइज स्टीमेट भेजकर 70 करोड़ रुपये का बजट और मांगा गया है। बजट मिलने के बाद तीन महीने में काम पूरा होगा।
- मुकेश सिंघल, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम