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सुबह 7:37 बजे मकर राशि में आएंगे सूर्य देव

Wed, 11 Jan 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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makar sankranti news - फोटो : demo
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प्रतिवर्ष की तरह मकर संक्रांति पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। भगवान सूर्य सुबह 7:37 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मान्यता है कि सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में आएंगे, जिसके बाद देवताओं का दिन प्रारंभ हो जाएगा। पर्व अवसर पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य को जल अर्पण और जरूरतमंदों को खिचड़ी, तिल आदि दान करेंगे।
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माघ कृष्ण पक्ष की द्वितीया शनिवार को पर्व पर मानस व प्रीति योग रहेगा। सिंह का चंद्रमा होने पर सिंह राशि वाले जातकों के लिए मकर संक्रांति विशेष लाभदायक रहेगा। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार पर्व पर पवित्र नदियों खासकर त्रिवेणी में स्नान करने और खिचड़ी, तिल दान करने का विशेष महत्व है। पंजाब में इस पर्व को लोहडी, तमिलनाडु में पोंगल के रूप में जाना जाता है। मकर संक्रांति को खिचड़ी व्रत भी कहते हैं। 
वह बताते हैं कि मकर संक्रांति पर्व का प्रभाव पूरे वर्ष विभिन्न राशि के जातकों पर अलग-अलग पडे़गा। मेष को भय, वृष को ज्ञान का लाभ, मिथुन को कलह, कर्क को धनहानि, सिंह को धन लाभ, कन्या को आत्म संतोष, तुला को रूके  धन की प्राप्ति, वृश्चिक को कार्य में सिद्धि, धनु को शारीरिक कष्ट, मकर को स्वजनों से लाभ, कुंभ को निजी जीवन में नए मित्रों से धोखा और मीन राशि वाले जातक को मान सम्मान मिलेगा। उनके अनुसार सभी राशि के जातक मकर संक्रांति पर गुरु द्वारा दिए मंत्र का जाप करें। इससे पूरे वर्ष लाभ मिलेगा। 
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इस बार संक्रांति देवी हाथी पर सवार 
मकर संक्रांति पर संक्रांति देवी का इस बार वाहन हाथी है, जो दुनिया में देश का सम्मान बढ़ाएगा। लेकिन उप वाहन गधा होने से जनता में भय रहेगा और युद्ध की संभावना पूरे वर्ष बनी रहेगी। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार संक्रांति देवी शिव के मस्तिष्क से उत्पन्न देवी हैं, जो मकर संक्रांति के दिन प्रकट हुई थीं। देवी इस बार लाल वस्त्र में हैं और गोराचन का लेप करती हुई उत्तर की ओर जा रही हैं। इसके  प्रभाव से बच्चों में रोगों की वृद्धि होगी, दूध, घी, तेल, गुड़ के दामों में वृद्धि संभावना है। देश के उत्तरी हिस्से में अन्न का संकट नजर आएगा।

शनिवार के दिन मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग
शनिवार के दिन मकर संक्रांति दुर्लभ संयोग है, जो पिता सूर्य व पुत्र शनि दोनों की उपासना कराएगा। ज्योतिष शास्त्र में मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव हैं। मकर राशि वालों पर 26 जनवरी से शनि की साढे़ साती शुरू हो जाएगी। तुला, वृश्चिक, धनु पर साढे़साती और मेष, कन्या, सिंह व वृष राशि वालों पर इस साल ढैया रहेगी। महंत जी के अनुसार शनि देव के कुप्रभाव से बचने के लिए इन राशियों के जातक शनि महाराज को सरसों का तेल, उड़द की दाल चढ़ाएं। 

16 से बजेगी शहनाई, मतदान के दिन भी मुहूर्त
मकर संक्रांति पर्व के साथ ही मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। लेकिन वैवाहिक लग्न 16 से प्रारंभ है। इसके साथ ही महानगर में शहनाई बजनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा अन्य वैवाहिक शुभ लग्नों में 17, 18, 22 जनवरी, 5, 6, 18, 19, 23, 27, 28 फरवरी और 4 मार्च है। बता दें कि 23 फरवरी को बुंदेलखंड के सभी जिलों में मतदान होना है। 
 
बुंदेलखंड के लोक जीवन में है मकर संक्रांति पर्व
बुंदेलखंड के लोक जीवन में मकर संक्रांति पर्व का विशेष महत्व रहा है। शक्कर के घड़िया घुल्ला, जुड़ई, मूंग के लड्डू और खिचड़ी पर्व की शान है। इस दिन बच्चों को मिट्टी व पीतल के बने पहिया लगे घोडे़ दिए जाते हैं। गांवों में लमटेरा गीत गाए जाते हैं। बुंदेली लोक संस्कृति के जानकार हरगोविंद कुशवाहा के मुताबिक मकर राशि में सूर्य के प्रवेश के साथ ही दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगते हैं और सूर्य का ताप बढ़ने लगता है। बुंदेली कहावत है माघ तिला तिल बाडे़, फगुना गौडे़ पसारे, चैत्य कड़ौरा पारे, बैसाख बैठका डारे।  
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