झांसी। कोरोना वायरस से संक्रमित जिले के 69 लोग घर पर रहकर इस महामारी से जंग लड़ रहे हैं। लक्षण रहित इन मरीजों को होम क्वारंटीन की मंजूरी दी गई है। 14 दिन इन्हें एकांतवास में गुजारने होंगे। इस दरम्यान डॉक्टर इनके लगातार संपर्क में रहेंगे।
कोरोना वारयस के बढ़ते मामलों के चलते पिछले सप्ताह प्रदेश में होम क्वारंटीन के संबंध में शासनादेश जारी किया था। इसके साथ ही जिले में बगैर लक्षण वाले मरीजों को घर में एकांतवास में रहने की अनुमति दी जाने लगी है। 69 मरीज घर पर रहकर ही इस महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इन मरीजों के लिए प्रशासन की ओर से अलग से एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें अलग से चिकित्सकों की तैनाती की गई है। दो चिकित्सक लगातार इन मरीजों के संपर्क में रहेंगे। टेलीमेडिसिन के जरिये ये मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। आवश्यकता पड़ने पर घर भी पहुंचेंगे।
घर पर रहने के लिए ये है जरूरी
- मरीज को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, ग्लव्स, सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन और प्रतिरोधक क्षमता की किट रखनी होगी।
- सेल्फ आइसोलेशन के लिए एक सहमति पत्र देना होगा और क्वारंटीन के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।
- आरोग्य सेतु एप हमेशा सक्रिय रखना होगा। दिन में दो बार इसकी सूचना अपडेट करनी होगी। स्मार्ट फोन पर स्वास्थ्य की जानकारी देनी होगी।
- स्वास्थ्य विभाग के आइसोलेशन एप को डाउनलोड करना होगा। अधिकारी को इसकी नियमित सूचना देनी होगी।
ये भी रखें ध्यान
होम क्वारंटीन रहने के दौरान पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल की नियमित जांच करनी होगी। यदि ऑक्सीजन का स्तर 95 प्रतिशत से कम होता है तो तत्काल डॉक्टर को सूचना दें। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द व भारीपन, सचेत होने में असमर्थता, किसी अंग में कमजोरी, बोलने में परेशानी, होंठों या चेहरे में नीलेपन की समस्या हो तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें।
होम क्वारंटीन रहने वाले मरीजों के लिए अलग से कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। चार चिकित्सकों की तैनाती गई है। चिकित्सक लगातार मरीजों के संपर्क में रहेंगे। घर में रहने वाले कोरोना संक्रमितों को शासन और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी