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गर्मी में नीचे खिसक रहा ‘पाताली पानी’

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गर्मी में नीचे खिसक रहा ‘पाताली पानी’
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झांसी। बुंदेलखंड में बढ़ती गर्मी व अंधाधुंध भूगर्भ जल दोहन की वजह से जिले में महानगर समेत मऊरानीपुर, चिरगांव, बंगरा और बबीना विकासखंड में पानी का संकट गहराने लगा है। यहां पर भूगर्भ जल का स्तर धीरे-धीरे नीचे जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों में बोरिंग फेल होने लगी हैं। कई इलाकों में हैंडपंपों ने भी पानी देना बंद कर दिया है। कुओं का पानी भी नीचे जा रहा है। रक्सा समेत कई क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पानी के लिए पैसा खर्च करना पड़ रहा है। हालांकि, 2018 की अच्छी बारिश से इस बार कुछ जगहों का भू जलस्तर स्थिर है। वहां हैंडपंप व बोरिंग खूब पानी उगल रही हैं।
गर्मी में हर साल पानी का संकट आन खड़ा होता है। पिछले कुछ सालों में हुई बारिश से भूगर्भ जल स्तर सुधरा, लेकिन गर्मी आते-आते फिर पानी का संकट होने लगा है। भूगर्भ जल स्तर धीरे-धीरे खिसकने लगा है। तालाब सूखने लगे हैं। कई इलाकों में बोरिंग भी साथ छोड़ने लगी हैं। कई इलाकों में अलग-अलग जगह बोरिंग कराने पर भी पानी नहीं मिल रहा है। राजपूत कॉलोनी में रहने वाले हरीशंकर वर्मा ने अपने घर में एक महीने पहले 250 -250 फिट पर दो बोरिंग कराई थी। दोनों बोरिंग में एक भी बूंद पानी नहीं निकला। इन दोनों बोरिंग पर 80 हजार खर्च आया।
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मोहल्ला सिजरिया कॉलोनी में हाजी शकील अंसारी दो साल में दो बार बोरिंग करा चुके हैं, लेकिन 150 फिट की बोरिंग पर भी पानी नहीं मिला। शहर के कई इलाकों का यही हाल है। जानकारों की मानें तो जो बोरिंग पहले 30 हजार रुपये में हो जाती थी वो कई इलाकों में 40 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी कारगर नहीं है। महानगर के सिविल लाइन में कई लोगों को बोरिंग फेल हो गई हैं।

यहां चिंताजनक स्थिति
भूगर्भ विभाग कर्मियों की मानें तो इस माह कुछ स्थानों पर भूगर्भ जल स्तर नापे जाने पर औसतन दो मीटर नीचे जाने का अनुमान है। महानगर के अलावा मऊरानीपुर, बंगरा, बामौर, बड़ागांव, चिरगांव, बबीना, गुरसराय, मारकुआं, औपारा, रानीपुर, देवरीसिंह पुरा में भी पानी का संकट शुरू हो गया है।

कई ब्लॉकों में जलस्तर लगातार गिर रहा है। जून के अंत तक सभी प्वाइंटों से भूगर्भ जल स्तर की रिपोर्ट ली जाएगी। जल दोहन रोकने के लिए लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास चल रहा है। 16 जुलाई से 22 जुलाई में भूजल जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा, जिससे सभी शैक्षिक, स्वयं सेवी और अन्य संस्थाओं के बीच पहुंच बनाई जाएगी। जलस्तर घटने से बचाने के लिए किसान ऐसी खेती करें, जिसमें पानी कम लगता हो। पाइप के जरिये फव्वारे से पानी देें।
एनए जैदी, वरिष्ठ भू भौतिकी विद्।

डार्क जोन में हो रहा जल दोहन
भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने बबीना और बामौर ब्लॉक को डार्क जोन घोषित कर दिया था। इन ब्लॉक क्षेत्रों में भूगर्भ जल की स्थिति दयनीय होने के कारण यहां बोरिंग पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद इन इलाकों में धड़ल्ले से बोरिंग हो रही हैं। बबीना में 18 मीटर और बामौर 22 मीटर नीचे तक जलस्तर पहुंच गया है। इसी तरह झांसी महानगर में जमीन से नौ मीटर, बंगरा ब्लॉक में 14 मीटर, बड़ागांव ब्लॉक में 10 मीटर, चिरगांव ब्लॉक में 17 मीटर, गुरसराय में 14 मीटर, मऊरानीपुर ब्लॉक में 14 मीटर व मोंठ ब्लॉक में आठ मीटर नीचे पानी पहुंच गया है।
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कारण
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- भूजल के अत्यधिक दोहन और दुरुपयोग।
- बारिश का कम होना।
- पेड़ों की संख्या में निरंतर कमी।
- धरती की सतह में पानी का कम बैठना।
उपाय
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- अपने समुदाय में समूह बनाएं जो जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहन देते हाें।
- हर दिन एक ऐसा काम करने का प्रयास करें, जिससे जल बचाया जा सके।
- पानी का उतना ही उपयोग करें, जितनी जरूरत हो।
- कोशिश करें कि आपके घर के अंदर और बाहर कहीं से पानी का रिसाव नहीं हो रहा हो।
- सब्जी, दाल, चावल धोने में प्रयुक्त पानी फेंके नहीं। इसे फर्श साफ करने या पेड़ों में पानी देने के काम में लाया जा सकता है।
- अपने शौचालय में लो फ्लश या ड्यूअल फ्लश जैसे उपकरण लगवा कर पानी बचा सकते हैं।
- नहाते वक्त शॉवर की जगह बाल्टी व मग का इस्तेमाल करें।
- वाशिंग मशीन का प्रयोग करना ही है तो मशीन फुल लोड पर चलाएं
- अपनी गाड़ी धोते वक्त पाइप की जगह बाल्टी का उपयोग करें।

हैंडपंप भी दे रहे धोखा
इन दिनों भीषण गर्मी के चलते नगर के गोलाकुआं क्षेत्र में आने वाले पन्नालाल, पुरानी पसरट, गोपाल नीखरा, पुरानी नझाई, सूजे खां खिड़की, भैरों खिड़की, सराय, चारखंभा, मेवातीपुरा, बड़ाबाजार, सिविल लाइन समेत आसपास के मुहल्लों का जल स्तर गिरने के कारण अधिकतर हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। कुछ ऐसा ही हाल करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर, बौद्ध नगर, खैरा, ईसाई टोला, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा आदि इलाकों का बना हुआ है।
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