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राजनीति: सेक्यूलर मोर्चे की सपा में सेंधमारी -City

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सेक्यूलर मोर्चे की समाजवादी पार्टी में सेंधमारी
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तमाम सपाइयों के जल्द मोर्चे में शामिल होने का दावा
सपा ने आधारहीन बताया शिवपाल का संगठन
झांसी। शिवपाल सिंह यादव के सेक्यूलर मोर्चे ने समाजवादी पार्टी में सेंधमारी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी में शामिल रहे तीन स्थानीय नेताओं ने अभी हाल ही मेें शिवपाल के नेतृत्व में भरोसा जताया है। जल्द ही कुछ और सपाइयों के सेक्यूलर मोर्चे में शामिल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, सपा नेतृत्व इससे इत्तेफाक नहीं रखता।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने राजनीति में अपना अलग रस्ता अख्तियार कर लिया है। उन्होंने सेक्यूलर मोर्चे का गठन किया है, जिसमें अभी हाल ही में सपा नेत्री दीपमाला कुशवाहा, रानी लक्ष्मीबाई अरबन कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव व भगवान सिंह यादव शामिल हो चुके हैं। इनका दावा है कि समाजवादी पार्टी के तमाम और लोग सेक्यूलर मोर्चे का दामन थामने जा रहे हैं। वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सपा अब मुलायम सिंह वाली पार्टी नहीं रही है। पार्टी में लोकतंत्र खत्म हो चुका है। सपा में अब विचारधारा की नहीं, बल्कि व्यक्तिवादी राजनीति हो रही है। यही वजह है कि पार्टी से तमाम लोग असंतुष्ट हैं, जिन्हें विकल्प की तलाश थी। सेक्यूलर मोर्चा ये विकल्प बनकर उभरा है। कुछ जिला पंचायत सदस्य, पूर्व ब्लाक प्रमुख व अन्य तमाम लोग सेक्यूलर मोर्चे में जाने वाले हैं। मोर्चा की इकाइयों के गठन के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
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वहीं, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव ने कहा कि दीपमाला और वीरेंद्र सिंह यादव पहले से ही सपा में नहीं थे। जबकि, भगवान सिंह यादव पार्टी के सक्रिय सदस्य नहीं थे। इन लोगों के सेक्यूलर मोर्चे में जाने से सपा को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। झांसी में सेक्यूलर मोर्चा किसी भी दशा में अपनी जमीन तैयार नहीं कर पाएगा। सपा अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी तरह से एकजुट है।
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