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खिड़की तोड़कर, सामान छोड़कर बचाई जान
यात्रियों ने सुनाई दास्तां, चेहरे पर साफ दिखी दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
एस एपी एक्सप्रेस के आरामदायक सफर के दौरान अचानक आग लगने के बाद ट्रेन में सवार लोगों ने जैसे अपनी जान बचाई ये उनका दिल ही जानता है। कोई ट्रेन का कांच तोड़कर तो कोई अपना सामान छोड़कर जान बचाकर भागा। सोमवार शाम 5.44 बजे ट्रेन जब झांसी आई तो इसमें सवार यात्रियों के चेहरे पर हादसे दहशत का खौफनाक मंजर साफ दिखा रहा था।
झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची ट्रेन के बी- 6 और बी- 7 कोच में सवार यात्रियों ने बताया कि जिस वक्त आग लगी कुछ लोग खाना खा रहे थे तो कुछ आराम कर रहे थे। इसी बीच लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर यात्री यहां-वहां भागने लगे। कई यात्री ऐसे भी थे, जो अपनी परवाह न करते हुए कई यात्रियों की मदद की। वहीं, कुछ यात्रियों ने कोच में लगी इमरजेंसी खिड़की तोड़कर अन्य यात्रियों को बाहर निकाला। यात्रियों के चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी। उनका कहना था कि समय रहते ट्रेन नहीं रुकती को आग भयावह स्थिति पैदा कर सकती थी।
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मची रही अफरा-तफरी
मैं अपने दोस्तों के साथ सफर कर रहा था, आग की खबर ने अफरा-तफरी मचा दी थी। सभी दहशत में आ गए थे।
विजय नार्सरी- यात्री
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जल गए दो बैग
यात्रियों की मदद करने के दौरान मेरे दो बैग जल गए, लेकिन मुझे बैग की नहीं बल्कि यात्रियों की चिंता थी।
सचिन बोरव, यात्री
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सो रहा था
जिस समय भगदड़ मची, मैं सो रहा था। आंख खुलते ही मैं भी दूसरे यात्रियों की मदद के लिए जुट गया।
पूया, यात्री
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मैं खाना पैक कर रहा था। आग लगती देख घबराकर पैंट्री कार का सामान बाहर की तरफ फेंकने लगा।
कमलेश पंडित, पैंट्री कार कर्मचारी