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मानदेय के लिए आंदोलन किया, नौकरी गंवाई
आंगनबाड़ी की 11 महिला कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त
- वजन दिवस में काम नहीं करने पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मानदेय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी को वजन दिवस में काम नहीं करना भारी पड़ गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी करुणा जायसवाल ने 11 आंगनबाड़ी की सेवा समाप्त कर दी है।
शासन ने 27 अक्तूबर को पांच साल तक के बच्चों का वजन कराने के निर्देश दिए थे, ताकि जो बच्चे कुपोषित हों वह चिह्नित हो जाएं और ऐसे बच्चों को अलग से उपचार दिया जाए, जिससे वह स्वस्थ हो जाएं। लेकिन, आंगनबाड़ियों ने इसे हल्के में लिया और इसका बहिष्कार कर दिया। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया, जहां उनके ऊपर लाठी चार्ज किया गया। लाठी चार्ज के विरोध में आंगनबाड़ी धरना-प्रदर्शन करती रहीं। ग्रामीण अंचलों में तो आंगनबाड़ी ड्यूटी पर रहीं, लेकिन शहर क्षेत्र में वजन दिवस पर काम नहीं किया।
बाल विकास परियोजना शहर की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी कर्ण सिंह ने ईसाई टोला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज दुबे, सिविल लाइन तृतीय से सुधा पचौरी, सिविल लाइन चतुर्थ से रजनी सेन, नईबस्ती तृतीय से राजकुमारी, नईबस्ती द्वितीय से मीरा वर्मा, नईबस्ती चतुर्थ से कुसुमा राजपूत,सागर गेट प्रथम से गीता वर्मा, थापक बाग से मालती तिवारी, हजरयाना से सुमन राय, अलीगोल प्रथम से ललिता और अलीगोल द्वितीय से नीता शाक्या की सेवा दो नवंबर से समाप्त कर दी गई।