धुंध से धीमी हुई ट्रेनों की रफ्तार
ताज एक्सप्रेस निरस्त, दिल्ली से शताब्दी समेत 12 ट्रेनें आईं लेट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण से फैली धुंध का असर बुधवार को ट्रेनों की रफ्तार पर भी रहा। इससे दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस समेत 12 ट्रेनें देरी से आईं। ताज एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया। ताज एक्सप्रेस के निरस्त होने से दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार से दिल्ली और एनसीआर में फैले प्रदूषण की वजह से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ना शुरू हो गया। नई दिल्ली से हबीबगंज जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस पौने दो घंटे देरी से झांसी आईं। शताब्दी एक्सप्रेस में 80 से अधिक विदेशी पर्यटक सवार थे। ट्रेन के देरी से विदेशी यात्रियों के टूर प्लान पर सीधा असर पड़ा। वे ओरछा और खजुराहो देरी से पहुंच सके। शाम को वापसी में भी शताब्दी एक्सप्रेस एक घंटा लेट हो गई। दिल्ली में धुंध इस कदर थी कि रेल प्रशासन ने निजामुद्दीन से झांसी के मध्य चलने वाली ताज एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया। चूंकि, ताज एक्सप्रेस से प्रतिदिन चार सौ से पांच सौ यात्री झांसी से दिल्ली की तरफ सफर करते हैं। इनमें अधिकांश बुंदेलखंड के छोटे-छोटे क्षेत्रों से आए गरीब यात्री रहते हैं। इस ट्रेन के निरस्त होने से ऐसे यात्री बेहद परेशान रहे। कई यात्रियों ने अपनी यात्रा रद कर दी तो कई यात्रियों को दूसरी ट्रेनों का सहारा लेकर धक्के खाने पड़े।
झेलम एक्सप्रेस छह घंटे, मंगला एक्सप्रेस सवा घंटे, उत्कल एक्सप्रेस पांच घंटे, पंजाब मेल पांच घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस नौ घंटे, आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति तीन घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस पांच घंटे लेट हो गई। तकनीकी कारणों से ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल छह घंटे, गोरखपुर बंगलूरू एक्सप्रेस भी पांच घंटे देरी से आईं। ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय पर भीड़ लगी रही। इससे कई बार कर्मचारी और यात्रियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी।
200 से अधिक यात्रियों ने वापस किए
दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के देरी से आने के कारण दो सौ से अधिक यात्रियों ने सामान्य टिकट और 50 से अधिक यात्रियों ने आरक्षित टिकट निरस्त कराए। टिकट वापसी में भी यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ी।