महात्मा खुद को भगवान बताएंगे तो जेल जाएंगे
- पूर्व शंकराचार्य बोले, धर्म को पाखंड व खुद को पुजवाने वालों से खतरा
- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को बताया भारत माता का सच्चा उपासक
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
हरिद्वार के भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पूर्व शंकराचार्य डॉ. स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम का नाम न लेते हुए कहा कि समाज के सभी गुरु और महात्मा पूज्य हैं मगर इनमें से किसी को भगवान मत मानो। आजकल सीढ़ी खुद को शिखर बताने लगी है, जो ऐसी गलत बता बताएंगे उन्हें रोहतक जेल तो जाना पड़ेगा। उन्होंने ये बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से आयोजित समन्वय परिवार समागम में कही।
महारानी लक्ष्मीबाई राजकीय पैरामेडिकल ट्रेनिंग कॉलेज में हुए कार्यक्रम में पूर्व शंकराचार्य ने कहा कि धर्म को खतरा धर्म के नाम पर पाखंड करने और खुद को पुजवाने वालों से है। धर्मावलंबी व्यक्ति वास्तव में खुद की पूजा नहीं करवाता है। गुरु और महात्मा भगवान नहीं, बल्कि सोपन हैं। यदि सीढ़ी खुद को शिखर बताने लगी तो ये अन्याय होगा। सबको ईश्वर का अंश बताते हुए उन्होंने कहा कि खुद प्रयास करने पर मार्ग जरूर मिलेगा। परमात्मा को पहचानने के लिए साधना से प्रयत्न करें। मन की भावना के अनुसार उपासना करें। बस श्रद्धा परिपक्व और अविचल होनी चाहिए। हिंदू धर्म को उदार बताते हुए स्वामी जी ने कहा कि जो लोग इसे सांप्रदायिक बोलते हैं, उनकी बुद्धि पर ताला पड़ गया है।
स्वामी जी ने कहा कि उनके लिए सबसे पहले भारत माता हैं। यदि किसी संस्था ने भारत माता कि सच्ची उपासना की है, तो वो है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ। वह बोले कि आरएसएस नमस्ते सदावत्सले प्रार्थना कर मातृ भूमि पूजता और भगवा ध्वज को भी प्रणाम करता है।