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हरित पट्टी में निर्माण पर 25 लोगों को नोटिस

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हरित पट्टी में निर्माण पर 25 लोगों को नोटिस
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बिना नक्शे के निर्माण करवाया, पांच लोगों के निर्माण ढहाए जाएंगे, नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शहर में बिना नक्शे और हरित क्षेत्र में निर्माण कार्य करवाने पर 25 भू-स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। विनियमित क्षेत्र द्वारा पांच लोगों को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया है।
शहर में बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर भूखंडों का निर्माण किया जा रहा है। नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने नियम विरुद्ध कार्य कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। इसके लिए विनियमित क्षेत्र ने शहर सीमा में हुए अवैध निर्माणों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। गौरतलब हो कि शहर में कई ऐसे निर्माण हैं जो नियमों पर ताक पर रखकर बनाए गए हैं। कई जगहों पर निजी भवनों का नक्शा पास करवाकर उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा महायोजना के अंतर्गत चिह्नित किए गए हरित क्षेत्र में भू-स्वामियों ने जमकर निर्माण कार्य किए हैं। अब इन निर्माणों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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इनको भेजा नोटिस
रावतयाना मोहल्ले में कोमल सिंह, रोंड़ा में रामदयाल, बाबूलाल, मसौरा बैरियल के पास प्रागीलाल, लतीफ खां, पार्श्वनाथ कालोनी में पंकज जैन, पनारी क्षेत्र में सितारा देवी को तीन निर्माणों पर, नहर के किनारे रामदयाल, राजकीय महाविद्यालय के पास बसंती लारिया, पार्श्वनाथ कालोनी में सन्नी गुप्ता, राजेश दुबे, राकेश अगरिया, रवि श्रीवास्तव, नीलम सिंह बुंदेला, रजनी श्रीवास्तव, धर्मेंद्र जड़िया, बड़ी नहर के किनारे रुबीना बेगम, यशोदा कुशवाहा, खुशीलाल, स्टेडियम के पास जगदीश, सिद्धन बाइपास के पास नूरजहां और फोर लाइन बाइपास के पास बनी गौशाला के प्रबंधक को हरित क्षेत्र में निर्माण करने पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। इसमें कोमल सिंह, रामदयाल, बाबूलाल, प्रागीलाल और पंकज जैन को ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए गए हैं।
क्या है महायोजना
शहर को व्यवस्थित रूप से बसाने के लिए शासन और प्रशासन स्तर से शहर की महायोजना बनाई जाती है। यह योजना दस साल के लिए बनाई जाती है और हर दस साल बाद इसकी समीक्षा कर क्षेत्र का विस्तार किया जाता है। महायोजना में शहर में इंडस्ट्रियल एरिया, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र समेत आसपास के क्षेत्र को हरित पट्टी के रूप में निर्धारित किया जाता है। हरित पट्टी में आने वाली जमीनों पर सिर्फ खेती करने की अनुमति ही होती है। इन पर भू-स्वामियों द्वारा किसी भी तरीके का निर्माण नहीं किया जा सकता है।
नगर और ग्राम नियोजन विभाग के अंतर्गत झांसी संभागीय नियोजन खंड की ओर से 1996 में दस साल के लिए ललितपुर महायोजना बनाई गई थी। इसका उद्देश्य शहर को व्यवस्थित रूप से बसाने का था। दस साल गुजरने के बाद भी अभी इस महायोजना की समीक्षा नहीं हो पाई है।
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वर्जन
नियमविरुद्ध बने निर्माणों को नोटिस जारी किए गए हैं। महायोजना के अंतर्गत निर्धारित की गई हरित पट्टी में निर्माण करना अवैध है। अन्य अवैध निर्माणों को भी चिह्नित किया जाएगा।
महेश प्रसाद दीक्षित, एसडीएम
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