मंडी को सोलर लाइट का सहारा, व्यापारी परेशान
ललितपुर। 33 लाख रुपए के बकाए पर काटा गया विद्युत कनेक्शन से गल्ला मंडी समिति के कार्यालय पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ सका और यहां लगाए गए सोलर ऊर्जा के साठ किलोवाट के प्लांट से मंडी कार्यालय लगातार जगमगा रहा है। लेकिन, मंडी समिति द्वारा बिल जमा नहीं कराए जाने का खामियाजा गल्ला व्यापारियों और कालोनीवासियों को भुगतना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि सोलर ऊर्जा से मात्र मंडी कार्यालय और स्ट्रीट लाइट का ही कनेक्शन है, जबकि गल्ला दुकानों व कालोनी में बिजली विभाग का ही कनेक्शन है, जो दो दिन पहले कट चुका है।
गल्ला मंडी परिसर में करीब चार सौ सत्तर गल्ला व्यापार की दुकानें संचालित हो रही हैं। जबकि यहां मंडी समिति में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आवासी कालौनी के दो भवन भी बनाए गए हैं, जिनमें करीब दो दर्जन से अधिक कर्मचारी अपने परिवार सहित निवास करते हैं। गल्ला मंडी समिति द्वारा यहां सौ किलोवाट का कनेक्शन लिया गया है। इससे मंडी समिति कार्यालय, दुकानों और कालोनी को बिजली मिलती है। लेकिन मंडी समिति द्वारा कई महीनों से बिजली का बिल बकाया अदा नहीं करने के लिए वर्तमान में करीब 33 लाख रुपए की बकाएदारी हो गई है। लेकिन कई बार नोटिस देने के बाद भी मंडी समिति द्वारा विद्युत बकाया अदा नहीं किया गया, जिसके चलते दो दिन पहले मंगलवार की दोपहर बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा यहां का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया। हालांकि इसका प्रभाव मंडी समिति कार्यालय और परिसर में अधिक नहीं पड़ा। इसका कारण यह है कि गल्ला मंडी समिति द्वारा अलग से सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित कराया गया है। जिससे मंडी समिति कार्यालय और मंडी परिसर तो जगमगा रहे हैं। लेकिन यहां स्थापित दुकानों और आवासीय कालौनी में अंधेरा पसर गया है। एक ओर जहां बिजली नहीं होने से दिन में उमस भरी गर्मी में व्यापारियों को परेशान होना पड़ रहा है, तो वहीं आवासीय कालोनीवासियों को दिन और रात बिजली ठप होने से तरह तरह से परेशान होना पड़ रहा है। यहां तक अधिकारियों के आवासों में भी बिजली नहीं है। इसके बाद भी विद्युत बिल अदा करने की दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। वहीं मंगलवार को ही बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कनेक्शन काटे जाने पर बीएसए कार्यालय द्वारा शासन को डिमांड लेटर की कॉपी लगा देने पर बिजली विभाग द्वारा बुधवार को कनेक्शन जोड़ दिया गया।