लहरगिर्द स्थित आश्रय स्थल का निरीक्षण करते कमिश्नर सुभाषचंद्र शर्मा।
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झांसी। एक ओर सरकार जहां कोरोना के चलते लोगों को घर में रहने के लिए प्रेरित कर रही हैं, तो वहीं लहरगिर्द स्थित आश्रय स्थल में क्वारंटीन किए गए 61 लोग बुधवार को नदारद मिले। कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने बुधवार को आश्रय स्थल का निरीक्षण किया, तो अव्यवस्थाएं मिलने पर प्रबंधक की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त बुधवार को लहरगिर्द स्थित दीनदयाल अंत्योदय योजना, शहरी आजीविका मिशन के तहत संचालित आश्रय स्थल पहुंचे। आश्रय स्थल को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। निरीक्षण में आश्रय स्थल में व्यापक गंदगी और अव्यवस्था देख उन्होंने नाराजगी जताई। क्वारंटीन सेंटर में 73 संदिग्धों को भर्ती होना दिखाया गया, परंतु मौके पर मात्र 12 लोग ही पाए गए। जानकारी पर बताया गया कि कुछ तो एक माह से रह रहे हैं। उन्होंने सख्त नाराजगी व्यक्त की और शेष लोगों के विषय में बताया कि सभी बाहर चले गए हैं और शाम को वापस आ जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अभी तक मेडिकल टीम द्वारा कोई जांच नहीं की गई, ना ही मेडिकल टीम कभी यहां आई है । लोगों ने भोजन की भी शिकायत करते हुए बताया कि खाने की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। मंडलायुक्त ने निरीक्षण में शौचालय में ताला डला पाया और शौचालय बेहद गंदा देख नाराजगी जाहिर की। क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटीन किए गए लोग जमीन पर बैठे थे। उन्हें गद्दा तक नहीं दिया गया। एक कमरे में लगभग आठ लोगों का परिवार जिसमें महिलाएं अधिक थीं। जानकारी ली तो बताया कि गवालियर से हैं, लॉक डाउन के कारण रुक गए। वहीं पानीपत और बिहार से भी एक एक व्यक्ति एक माह से रुके हैं। कमिश्नर ने नगर मजिस्ट्रेट नगर निगम और चिकित्सा विभाग को सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, एनजीओ ज्योति सामाजिक केंद्र नई दिल्ली के प्रबंधक रुम सिंह की तत्काल सेवाएं समाप्त करते हुए हटाए जाने के लिए कहा। पुलिस व्यवस्था बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर अपर आयुक्त सर्वेश कुमार दीक्षित, एडी हेल्थ डॉ. एसबी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, अपर नगर आयुक्त शादाब असलम, रोहन सिंह मौजूद रहे।