झांसी। शासन की तरफ से पीपीपी मॉडल पर प्रदेश के 16 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी है। मगर जो मेडिकल कॉलेज पहले से ही खुले हैं, सालों बाद भी वो तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन्हीं में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। यहां पर 60 डॉक्टर और 475 कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। शासन को भी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अब नियुक्तियों का इंतजार है।
मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य कार्यालय और अस्पताल के तहत कर्मचारियों के अलग-अगल समूहों के पद सृजित हैं। इनमें प्रधानाचार्य कार्यालय में समूह ख और ग में 316 में 88 पद ही भरे हुए हैं, जबकि, 228 खाली पड़े हुए हैं। स्टाफ नर्स (पुरुष), मेडिकल सोशल वर्कर, स्टेनोग्राफर कम टाइपिस्ट, एनीमल स्टॉक मैन, सेनेटरी इंस्पेक्टर, प्लास्टर टेक्नीशियन, डेंटल मेकेनिक जूनियर इंजीनियर सिविल, स्टेवर्ड लिपिक, लाइब्रेरियन, सहायक कैटलॉगर, कोडिंग क्लर्क, लेखालिपिक, डायलेसिस टेक्नीशियन, डायटीशियन, सीटी एंड एक्सरे टेक्नीशियन, हेल्थ एजूकेटर, स्टैटीशियन के सभी पद रिक्त पड़े हुए हैं। वहीं, अस्पताल में समूह ख के 147 पदों में से 69 रिक्त हैं। समूह ग के 46 में से 22 पद रिक्त हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 250 में 103 पद भरे हुए हैं। जबकि, 147 खाली पड़े हैं। बड़ी समस्या डॉक्टरों के पद रिक्त होना है। इसकी कमी कोरोना की दूसरी लहर में भी देखने को मिली। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के 153 पद सृजित हैं, इनमें 92 भरे हैं। जबकि, 61 खाली पड़े हुए हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज ने शासन को भी भेज दी है। अब शासन स्तर से नियुक्तियों का इंतजार हो रहा है।
ये है स्थिति
पद भरे खाली
डॉक्टर 153 93 60
समूह ख 285 88 197
समूह ग 224 93 131
समूह घ 250 103 147
किस विभाग में कितने डॉक्टर नहीं
मेडिकल कॉलेज में सबसे खराब स्थिति एनाटॉमी विभाग की है। यहां पर दस डॉक्टरों के पद खाली हैं। फिजियोलॉजी में तीन, बायोकेमिस्ट्री में एक, फार्माकोलॉजी में दो, फॉरेंसिक मेडिसिन में दो, माइक्रोबायोलॉजी में तीन, कम्युनिटी मेडिसिन चार, एनेस्थीसिया में चार, ईएनटी में एक, जनरल मेडिसिन में पांच, साइकियाट्री में एक, गायनी में चार, पीडियाट्रिक्स में एक, ऑप्थैल्मोलॉजी में एक, रेडियोडायग्नोसिस में तीन, रेडियोथेरेपी में एक, ऑर्थोपेडिक्स में एक, प्लास्टिक सर्जरी में दो, यूरोलॉजी में दो, न्यूरोसर्जरी में तीन, नेफ्रोलॉजी में दो, कार्डियोलॉजी में चार डॉक्टरों के पद रिक्त हैं।
शासन की तरफ से डॉक्टरों और कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया था, इसे भेज दिया गया है। अब शासन स्तर से नियुक्तियां की जानी हैं। जल्द ही पद भरने की उम्मीद है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।